यूं ही नहीं कहा जाता है,सरकार बदलने वाली है

Posted On:- 2026-08-14




सुनील दास

कांग्रेस है तो गुटबाजी है, बगैर गुटबाजी के कांग्रेस हो ही नहीं सकती।गुटबाजी है इसलिए होड़ लगी रहती है कि राज्य में कांग्रेस का सबसे बड़ा नेता कौन है।हर कोई मौका मिलने पर बयानों के जरिए यह साबित करता रहता है कि यहां का बड़ा नेता तो वही है।जितने गुट हैं, उतने बड़े नेता है।सबसे बड़ा व प्रभावी गुट भूपेश बघेल का है क्योंकि वह सीएम रह चुके हैं और अभी भी उनकी जितनी दिल्ली दरबार में पहुंच है,उतनी दूसरे नेताओं की नहीं मानी जाती है। दूसरे नेताओं के भी अपने गुट हैं लेकिन मौके का फायदा भूपेश बघेल अक्सर उठाते रहते हैं और साबित करते रहते हैं कि यहां तो कांग्रेस का सबसे बड़ा नेता मैं हीं हूं।जब भी कोई बड़ा आयोजन होता है तो वह उसका नेतृत्व करते हैं और साबित कर देते हैं कि यहां ताे कांग्रेस का नेतृत्व करने वाले वही है।जब भी ईडी किसी कांग्रेस नेता काे गिरफ्तार करती है तो कोई विरोध करे न करे भूपेश बघेल जरूर विरोध करने सामने आते हैं।
कांग्रेस नेता रामगोपाल अग्रवाल के खिलाफ ईडी ने मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया तो भूपेश बघेल के नेतृत्व में नेता सुभाष स्टेडियम स्थित ईडी दफ्तर का घेराव किया गया।ऐसा भूपेश बघेल ने पहली बार नहीं किया है,यहां ईडी ने जब भी किसी कांग्रेस नेता को किसी मामले में गिरफ्तार किया है तो भूपेश बघेल ने ही हमेशा सबसे पहले विरोध किया है और यह नरेटिव बनाने की कोशिश की है कि भाजपा की केंद्र सरकार के इशारे पर ईडी कांग्रेस नेताओं के खिलाफ कार्रवाई कर रही है।कांग्रेस में दूसरे बड़े नेता भी हैं लेकिन वह भूपेश बघेल की तरह विरोध करने सामने नहीं आते हैं।जबकि भूपेश बघेल विरोध के लिए सामने आते हैं, गिरफ्तार नेता से मिलने जाते है, यह एहसास कराना नहीं भूलते हैं कि वह उनके साथ और पार्टी भी उनके साथ है। एक बड़े नेता का यह काम होता है कि जब पार्टी के किसी नेता को किसी भी वजह से गिरफ्तार किया जाए तो उसे कम से कम सांत्वना तो दे जाकर पार्टी उनके साथ है।इससे पार्टी के नेता का हौसला बना रहता है वह टूटता नहीं है। भूपेश बघेल जानते है कि गिरफ्तार नेता टूटा को पार्टी को नुकसान होगा, राजनीतिक रूप से नुकसान होगा और इसका फायदा सत्तारूढ़ दल को होगा।सत्तारूढ़ दल तो अपने राजनीतिक फायदे के लिए यह साबित करता है कि पिछली सरकार में एक नहीं कई भ्रष्टाचार के मामले हुए है और जांच में मिले सबूत के आधार पर लोगों का गिरफ्तार किया जा रहा है। भूपेश बघेल इसका काउंटर नरेटिव बनाते रहते हैं।
यही नहीं भूपेश बघेल एक काम और करते हैं जो कोई दूसरा कांग्रेस नेता कर सकता है लेकिन करता नहीं है।वह ईडी सहित शासकीय अधिकारियों को चेतावनी देने के बहाने डराते रहते हैं कि यह सरकार बदलने वाली है यानी यह सरकार हमेशा नहीं रहने वाली है,हमारी सरकार आएगी तो तुमको बताएंगे कि हम क्या कर सकते हैं।यह सच भी है कि जब भी सरकार बदलेगी तो कांग्रेस की ही सरकार आएंगी।रामगोपाल अग्रवाल की गिरफ्तारी पर भूपेश बघेल ने कहा कि भाजपा की चाटुकारिता करने वाली ईडी संभल जाए यह सरकार बदलने वाली है।साथ ही वह यह भी बताने का प्रयास करते हैं कि प्रदेश में कोयला,रेत,शराब में अवैध वसूली हो रही है, शराब में ओवर रेंटिंग हो रही है लेकिन ईडी कार्रवाई नहीं करती है।भूपेश बघेल एक तरफ तो अधिकारियों को डराते हैं हमारी सरकार आने वाली है, दूसरी तरफ वह कांग्रेस के अपने समर्थकों को यह संदेश भी देते रहते हैं कि सरकार आएगी तो मेरे कारण आएगी,मेरे नेतृत्व में ही आएगी।कारण मैं एक बार यहां कांग्रेस की सरकार बनवा सकता हूं तो दूसरी बार भी बनवा सकता हूं।इसका परिणाम यह होता है कि भूपेश बघेल के समर्थक उनके साथ ही बने रहते हैं, वह दूसरे गुट में नहीं जाते हैं। भूपेश बघेल का सबसे बड़ा गुट सबसे बड़ा गुट ही बना रहता है।
चाहे राज्य में हरेली का पर्व मनाना हो या विश्व आदिवासी दिवस पर बधाई ने देने का मामला हाे, भूपेश बघेल ही आगे रहते हैं और सरकार को सवालों के कटघरे में खड़ा करते हैं, कांग्रेस में और भी नेता हैं वह भी यह काम कर सकते हैं लेकिन करते नहीं है इससे ऐसा लगता है कि कांग्रेस की कमान तो यहां भूपेश बघेल ही संभालते हैं।कांग्रेस सत्ता मे थी तो हरेली तिहार भूपेश निवास पर मनाया जाता था और कांग्रेस सत्ता में नहीं है तो भी भूपेश निवास में मनाया गया और राज्य के लोगों को बताया गया कि हमारी सरकार के समय छत्तीसगढ़ी त्यौहार व परंपरा काे हमने ऊंचाई पर पहुंचाया था,वह आज खत्म हो गया है,छत्तीसगढ़ महतारी की फोटाे नहीं लगाई जा रही है,विश्व आदिवासी दिवस पर सीएम आदिवासी होने के बाद भी सरकार की ओर से बधाई नहीं दी जा रही है।यानी सरकार को घेरने का काम भी प्रमुखता से भूपेश बघेल ही करते हैं,इससे संदेश तो यही जाता है कि यहां के सबसे बड़े कांग्रेस नेता भूपेश बघेल हैं।
भूपेश बघेल के सवालों का जवाब भी जब सरकार की ओर दिया जाता है तो फिर साबित हो जाता है कि भूपेश बघेल ही सरकार से सवाल करते है और सरकार उनके सवालों का जवाब देना पड़ता है।विश्व आदिवासी दिवस पर भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार से सवाल किया तो भाजपा की तरफ से यह जवाब दिया गया कि भारत अपने जनजातीय वीरों के शौर्य व बलिदान को सम्मान देने के लिए जनजातीय गौरव दिवस मनाता है,विश्व आदिवासी दिवस तो जनजातीय समाज से जुड़ी विदेशी अवधारणा का प्रतीक है। कांग्रेस तो आदिवासी समाज को वोट बैंक समझती है,भाजपा ने आदिवासियो को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शिक्षा,रोजगार व नेतृत्व के अवसर बढ़ाए हैं। कांग्रेस के अध्यक्ष का कार्यकाल समाप्त हो गया है,उसे लेकर भी गुटबाजी होती रहती है,अब तक तो छत्तीसगढ़ मे ज्यादातर समय कांग्रेेस अध्यक्ष भी भूपेश बघेल की पसंद का रहा है इससे उनकी संगठन पर मजबूत पकड़ रही है।अगला अध्यक्ष किसको बनाया जाता है, इससे फिर एक बार साफ होगा कि वह भूपेश बघेल की पसंद को होगा या नहीं।यहां की राजनीति में कौन प्रभावी रहेगा।



Related News
thumb

पीएम मोदी का दिमागी नक्सली का तीर ठीक निशाने पर लगा है

पीएम मोदी के लिए नेशन फर्स्ट हमेशा रहा है, वह देश को नुकसान पहुंचाने वाले लोगों को बखूबी पहचानते हैं और समय समय पर देश के लोगों को उनसे सावधान रहने...


thumb

गले पड़ना व गले मिलना में बहुत अंतर होता है

कोई भी देश हो,कोई भी समाज हो या कोई भी परिवार हो,वहां गले मिलने की परंपरा होती है,रिवाज होता है और इसके पीछे प्यार होता है,सम्मान होता है,निकट होने...


thumb

जीत का एहसास कराकर हराना इसे कहते हैं

राजनीति में एक हार-जीत तो चुनाव की होती है।इसमें हार-जीत का फैसला जनता करती है।किसे जिताना है यह जनता तय करती है और किसे हराना है यह भी जनता तय करत...


thumb

बलिदानियों की स्मृति में स्मारक बनाना ठीक है लेकिन

हमारे देश व राज्यों में बलिदानियों की स्मृति को हमेशा बनाए रखने के लिए चौक-चौराहे उनके नाम से रखे जाते हैं,उनकी मूर्ति स्थापित की जाती है,उनकी पुण्...


thumb

देशभक्ति की भावना पैदा करना तो अच्छी बात है........

जिस देश में हम रहते हैं, उस देश के प्रति भक्ति की भावना तो हर नागरिक में होनी चाहिए। देश का नागरिक होने के नाते तो हर आदमी के भीतर देशभक्ति की भावन...