देशभक्ति की भावना पैदा करना तो अच्छी बात है........

Posted On:- 2026-08-11




सुनील दास

जिस देश में हम रहते हैं, उस देश के प्रति भक्ति की भावना तो हर नागरिक में होनी चाहिए। देश का नागरिक होने के नाते तो हर आदमी के भीतर देशभक्ति की भावना होनी चाहिए।हम आजाद देश में रहते हैं,यह आजादी हमें देशभक्तों ने दिलाई है। इसलिए हर राष्ट्रीय पर्व १५ अगस्त व २६ जनवरी को लोगों में देशभक्ति की भावना पैदा करने वाले,देशभक्ति की भावना को मजबूत करने वाले कार्यक्रम हर राज्य में राज्य सरकार तो करती है, गैर सरकारी संगठन व संस्थाएं भी करती है ताकि लोगों को पता रहे कि देश को आजादी यूं ही नहीं मिल गई है, लाखों लोगों के बलिदान से मिली है और देश के लिए बलिदान वही लोग कर सकते हैं जिनके मन में देशभक्ति की भावना होती है यानी देश के लिए कुछ करने का जज्बा होता है। देशभक्त लोग देश में जितने ज्यादा होते है, उससे देश उतना मजबूत होता है।देश मजबूत रहे और मजबूत हो इसलिए देशभक्ति की भावना को जब भी बढ़ावा कोई भी देता है तो उसका स्वागत होना चाहिए। उससे प्रेरणा लेनी चाहिए और हर किसी को देशभक्ति बढ़ाने वाला कार्यक्रम करना चाहिए या ऐसे कार्यक्रम में उत्साह से शामिल होना चाहिए। 
देश का स्वतंत्रता दिवस १५ अगस्त को मनाया जाता है,भाजपा ने हर साल की तरह स्वंतत्रता दिवस के पहले १० से १७ अगस्त तक तिरंगा यात्रा पूरे देश में निकालने का फैसला किया और निकाला तो यह तो अच्छी बात है। इसका तो स्वागत किया जाना चाहिए कि भाजपा देश के लोगों में स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों में देश की आजादी के प्रतीक तिरंगा यात्रा निकाल रही है,लोगों में देशभक्ति की भावना पैदा कर रही है, उसे मजबूत कर रही है।इस मौके पर तो किसी संगठन को कहने की जरूरत नहीं होती कि उसे क्या करना चाहिए।सभी सरकारी व गैरसरकारी संगठन ऐसे मौको पर कई तरह का आयोजन करते हैं,देश की आजादी के लिए बलिदान करने वालों को याद करते हैं।उनके बलिदान को नमन करते हैं क्योंकि आज हम आजाद भारत में है तो देशभक्ति की भावना से भरे हुए लाखों लोगों के बलिदान के कारण है। इसका तो किसी तरह से किसी को विरोध नहीं करना चाहिए। ऐसे राष्ट्रीय पर्व के दौरान तो राजनीति बिलकुल नहीं होना चाहिए. सभी राजनीतिक दलों को अपने राजनीतिक मतभेद भूलकर राष्ट्रीय पर्व को मिलजुलकर मनाना चाहिए। यह मौका नहीं होता है किसी को कहने का कि आप तिरंगा यात्रा निकाल सकते, आप तिरंगा यात्रा निकालने योग्य नहीं है।
राजधानी में तिरंगा यात्रा का शुभारंभ इंडोर स्टेडियम से हुआ और इसमें सभी वर्ग के लोगों ने उत्साह से हिस्सा लिया। इस यात्रा के दौरान हाथों में लहराते तिरंगे,भारत माता के जयघोष,देशभक्ति के गीतों से हजारों लोगों में अजब उत्साह रहा और इसे देखने वालों को लोगों को यह यात्रा अच्छी लगी और उनमें देशप्रेम की भावना पैदा हुई। ऐसे आयोजनों का मकसद ही देश के लोगों में देशप्रेम की भावना जगाना होता है,उनको एहसास दिलाना होता है कि देश तुम्हारे लिए क्या कुछ नहीं करता है, तुमको ऐसे देश से प्रेम करना चाहिए. उसके प्रति कृतज्ञता का भाव होना चाहिए।इस मौके पर सीएम साय ने यह कहकर कि तिरंगा हमारी आन,बान और शान है,यह केवल हमारा राष्ट्रीय ध्वज नहीं है,बल्कि भारत की एकता,अखंडता स्वाभिमान व असंख्य बलिदानों का प्रतीक है।देश मे देश के लोगों को बांधने की अद्भुत शक्ति है।अलग अलग भाषाओं संस्कृतियों,पंरपराओं और क्षेत्रों की विविधता के बाद भी तिरंगा हम सभी को भारतीय होने के साझा गौरव से जोड़ता है।तिरंगा लहराता है तो हर भारतीय के मन में स्वाभाविक रूप से देश के प्रति गौरव व सम्मान का भाव जागृत करता है,तिरंगा झंडेे का सम्मान किया है।सीएम साय ने सच कहा है कि तिरंगा हमें भारतीय होने का एहसास दिलाता है और एकजुट करता है।
१५ अगस्त के पहले के कुछ दिन कम से कम राजनीतिक दलों को राजनीति नहीं करनी चाहिए, कोई राजनीतिक बयान नहीं देना चाहिए लेकिन अफसोस ऐसा होता नहीं है,कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज को यह बयान देने की जरूरत नहीं थी कि भाजपा तिरंगा यात्रा निकाल रही है, वह लोग तिरंगा यात्रा निकाल रहे है जो तिरंगे के तीन रंगों को अपशगुन बताते थे,जो साल आजादी के बाद ५२ सालों तक अपने मुख्यालय में तिरंगा नहीं फहराते थे,जो लोग आजादी की लड़ाई के समय अंग्रेजों की दलाली कर रहे थे,जो लोग अंग्रेजों से वजीफे लेते थे।कांग्रेस भूल रही है कि इस देश में तिरंगा यात्रा निकालने का अधिकार आज सबको है। वह किसी को नहीं रोक सकती वह सिर्फ आलोचना कर सकती है, इससे उसका कद ऊंचा नहीं होता है, इससे तो उसका कद और कम होता है कि वह खुद को तिरंगा यात्रा नहीं निकाल रही है और भाजपा निकाल रही है उसकी आलोचना कर रही है।
कांग्रेस भूल रही है कि जो सत्ता में होता है उसे १५ अगस्त पर कई तरह के कार्यक्रमो का आयोजन पूरे देश और पूरे राज्य में करना होता है। कांग्रेस सत्ता में रहती तो यह उसका काम होता,कांग्रेस को जनता ने इस काम के लायक नहीं समझा तो कांग्रेस को न तो निराश होना चाहिए और न ही खीझना चाहिए कि यह काम भाजपा क्यों कर रही है, लोकतंत्र में जनता सर्वोपरि है,उसके आदेश का सम्मान करना चाहिए।संविधान में नहीं लिखा है कि देश में तिरंगा फहराने का अधिकार सिर्फ कांग्रेस को है, कांग्रेस के अलावा किसी को तिरंगा फहराने का अधिकार नहीं है।यह कांग्रेस की गलतफहमी है और कांग्रेस को अपनी यह गलतफहमी दूर कर लेनी चाहिए साथ ही कांग्रेस को यह गलतफहमी भी दूर करे लेनी चाहिए कि उसके पास देशभक्ति का प्रमाणपत्र देने का अधिकार है जिसे वह कहेगी वही देशभक्त होना और जिसे वह देशभक्त नहीं कहेगी वह देशभक्त नहीं होगा ।



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