हर संस्था के अपने बहुत खर्चे होते हैं। इसलिए पैसों की जरूरत तो हमेशा रहती है। पैसों की जरूरत रहती है इसलिए पैसे कहां आएंगे और आ सकते हैं, इस पर विचार किया जाता रहता है और उपाय भी किए जाते रहते हैं। रायपुर नगर निगम को भी पैसों की बहुत जरूरत रहती है, इसलिए वह भी निगम के आय बढ़ाने पुराने उपायों पर अमल करती है और नए उपाय सोचती रहती है।इस बार रायपुर नगर निगम ने अवैध नल कनेक्शनों को वैध करके पैसा कमाने को सोचा। इस बार सोचा गया कि निगम क्षेत्र में ९० हजार अवैध कनेक्शन है,उनको वैध किया जाता है तो निगम को अच्छी खासी कमाई हो सकती है।इसके लिए निगम के पहले प्रस्ताव में बताया गया कि किसी का नल कनेक्शन यदि अवैध और वह वैध कराना चाहता है तो वह निगम को २० हजार रुपए देकर अपना नल कनेक्शन वैध करा सकता है।
निगम ने सोचा था अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने का वह लोगों को प्रस्ताव देगी तो ९० हजार अवैध नल कनेक्शन निगम क्षेत्र मे हैं तो अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए लोगों की भीड़ निगम में लग जाएगी और निगम को एक कनेक्शन का २० हजार रुपए मिलेगा तो हजारों कनेक्शन का तो बहुत पैसा मिलेगा।निगम ने अपने प्रस्ताव में बताया था कि आवासीय अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए तय समय सीमा के भीतर ५ हजार रुपए नियमितीकरण शुल्क और १५८८२ रुपए वैध कनेक्शन शुल्क यानी कुल २०८८२ रुपए लोगों को देना होगा। इसके साथ ही लोगों को आगाह भी किया गया था कि यदि तय समय सीमा के भीतर लोग अपने अवैध नल कनेक्शन को वैध नहीं कराते हैं तो उनका नल कनेक्शन काटा जाएगा। तय समय सीमा बीत गई है और लगता है कि निगम ने जितनी उम्मीद की थी लोग बड़ी संख्या में अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए आएंगे. उससे बहुत कम लोग ही अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने निगम पहुंचे है यानी निगम ने अवैध नल कनेक्शन को वैध करने पर जितनी कमाई होने की उम्मीद की थी, उतनी कमाई तय समय सीमा नहीं हुई है।
निगम को पैसों की जरूरत है और अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के पहले प्रस्ताव पर लोगों की भीड़ निगम में नहीं जुटी और अपेक्षित कमाई नहीं हुई तो कमाई के लिए निगम ने अब अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिये दूसरा प्रस्ताव दिया है।दूसरे प्रस्ताव में अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए तय राशि की जगह संबंधित क्षेत्र के अऩुसार लागू नए नल कनेक्शन का शुल्क लेने का फैसला किया गया है।यह लगभग १० हजार रुपए होगा।इसके लिए निगम में १६ जुलाई से १५ अक्टूबर तक आवेदन दिया जा सकता है। यानी निगम ने लोगों को अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने के लिए और समय दिया है तथा पहले से कम पैसे में अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने का एक और मौका दिया है। इससे लगता तो यह है कि निगम चाहता है कि जितने लोगों को अवैध नल कनेक्शन हैं, वह सब वैध करा लें लेकिन हकीकत में निगम को पैसों की जरूरत है और अवैध नल कनेक्शन के वैध होने पर ही कमाई हो सकती है, इसलिए निगम ने पैसे भी कम कर दिये और समय् भी बहुत दिया है ताकि जो लोग पिछली बार अवैध नल कनेक्शन को वैध नही करा पाएं निगम को कम पैसे देकर करा लें।
ऐसा नहीं है कि निगम ने लोगों को अपने अवैध नल कनेक्शन को वैध कराने का मौका दिया है तो निगम क्षेत्र में अवैध नल कनेक्शन बंद हो जाएंगे। निगम के कुछ ठेकेदार अवैध नल कनेक्शन दिलाना बंद कर देंगे या लोग अवैध नल कनेक्शन लेना बंद कर देंगे। अवैध नल कनेक्शन तो हमेशा होता रहता है और हमेशा होता रहेगा। क्योंकि इससे निगम के कुछ लोगों व ठेकेदारों की कमाई होती है। बताया जाता है कि एक अवैध नल कनेक्शन का १४ से १५ हजार रुपए लिया जाता है।निगम में इस गोरखधंधे को अब तक कोई रोक नहीं पाया यानी महापौर आते जाते हैं लेकिन अवैध नल कनेक्शन का धंधा चलता रहता है। जब किसी महापौर को लगता है कि अवैध कनेक्शन बहुत हो गए है उनको वैध करके कमाई की जा सकती है तो वह कमाई के लिए अवैध नल कनेक्शन को वैध करने का मौका देता है।
महापौर कोई भी हो राजधानी के २० से ज्यादा वार्डों में पानी की समस्या रहती है।इस समस्या को कोई महापौर हल नहीं कर पाया है।ऐसा भी नहीं है कि निगम क्षेत्र के अवैध नल कनेक्शन वैध हो जाने से शहर वाडों और टेल एरिया में पानी की समस्या समाप्त हो जाएगी।गर्मी के मौसम में पानी की समस्या तो जिन वार्डों में आज है आगे भी रह सकती है।क्योंकि नलो को नियमितीकरण कमाई के लिये किया जा रहा है।इस बार की गर्मी का मौसम खत्म हो गया और अब मान लिया जाएगा कहीं पानी की कोई समस्या नहीं है।अगली गर्मी आने पर पानी की समस्या पर फिर से विचार किया जाएगा। अवैध कनेक्शन के कारण पानी की जो समस्या होती है वह नलों के वैध हो जाने पर भी बनी रहेंगी क्योंकि टंकी की क्षमता से ज्यादा नल कनेक्सशन हो जाते हैं तो पानी का प्रेशर कहीं कहीं कम हो जाता है और पानी कम आता है और नहीं भी आता है। टंकी की क्षमता तो बढ़ाई नहीं जा सकती। वैध नलों की संख्या बढ़ेगी तो पानी की समस्या तो वैध नल कनेक्शन के बाद भी बनी रह सकती है।
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