ममता शर्मा बनीं रोजगार सृजन की मिसाल, ईवी वर्कशॉप स्थापित कर 7 लोगों को दिया काम

Posted On:- 2026-10-09




अम्बिकापुर (वीएनएस)। आत्मनिर्भर बनने के संकल्प और शासन की योजना से मिले सहयोग ने अम्बिकापुर की ममता शर्मा को एक सफल उद्यमी के रूप में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। कभी स्वयं का व्यवसाय शुरू करने का सपना देखने वाली ममता आज इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) वर्कशॉप का संचालन कर रही हैं। उनकी सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि उन्होंने न केवल अपने लिए स्वरोजगार का रास्ता बनाया, बल्कि 6 से 7 अन्य लोगों को भी रोजगार उपलब्ध कराया है। तकनीकी क्षेत्र में उनका यह कदम महिला उद्यमिता के साथ स्थानीय रोजगार सृजन का प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है।

20 लाख रुपए के ऋण से साकार हुआ उद्यम स्थापित करने का सपना

ममता शर्मा ने बताया कि उन्हें इंटरनेट के माध्यम से प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (पीएमईजीपी) की जानकारी मिली थी। स्वयं का व्यवसाय शुरू करने की इच्छा के साथ उन्होंने योजना का लाभ लेने का निर्णय लिया। इसके अंतर्गत उन्हें 20 लाख रुपए का ऋण लेकर उन्होंने अम्बिकापुर में इलेक्ट्रिक वाहन वर्कशॉप की स्थापना की।

नए क्षेत्र में व्यवसाय शुरू कर ममता ने अपनी उद्यमशीलता का परिचय दिया है। आज वे अपनी वर्कशॉप का संचालन करने के साथ वहां कार्यरत कर्मचारियों को रोजगार उपलब्ध करा रही हैं। उनकी यह उपलब्धि बताती है कि वित्तीय संसाधन और सही अवसर मिलने पर महिलाएं तकनीक आधारित व्यवसायों में भी आगे बढ़ सकती हैं।

प्रशिक्षण और मार्गदर्शन से मिला आगे बढ़ने का अवसर

ममता के अनुसार प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम के माध्यम से व्यवसाय शुरू करने के लिए वित्तीय सहायता के साथ उद्यम संचालन से संबंधित प्रशिक्षण और मार्गदर्शन की सुविधा भी मिलती है। योजना के तहत नए उद्यमियों को व्यवसाय प्रबंधन और कार्य को बेहतर बनाने की जानकारी दी जाती है। इससे स्वरोजगार की शुरुआत करने वाले हितग्राहियों को अपने उद्यम को व्यवस्थित ढंग से संचालित करने में मदद मिलती है।

ममता ने कहा कि महिलाओं को अपनी क्षमताओं पर विश्वास कर आगे बढ़ना चाहिए। गांव और शहर की ऐसी महिलाएं, जो कुछ नया करना चाहती हैं, वे शासन की योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर पात्रतानुसार उनका लाभ उठा सकती हैं।

खुद आत्मनिर्भर बनीं, दूसरों की आजीविका का भी बनीं सहारा

ममता शर्मा की सफलता की विशेषता उनका रोजगार प्रदाता के रूप में उभरना है। इलेक्ट्रिक वाहन वर्कशॉप के माध्यम से उन्होंने स्वरोजगार को अन्य लोगों की आजीविका से जोड़ा है। उनका यह प्रयास महिला सशक्तिकरण के साथ स्थानीय स्तर पर उद्यमिता और रोजगार की संभावनाओं को भी रेखांकित करता है।

ममता शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना ने उन्हें अपना व्यवसाय शुरू करने का अवसर दिया। उन्होंने अन्य महिलाओं से भी आगे आकर अपनी रुचि और क्षमता के अनुरूप उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत ममता शर्मा की कहानी इस बात का उदाहरण है कि शासन की स्वरोजगार योजनाओं का लाभ लेकर महिलाएं न केवल आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकती हैं, बल्कि दूसरों के लिए भी रोजगार के नए अवसर सृजित कर सकती हैं।



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