बीजापुर (वीएनएस)। जिले के उसूर विकासखंड अंतर्गत ग्राम पेरमपल्ली निवासी शंकर सोड़ी ने मछली पालन को अपनी आजीविका का मजबूत आधार बनाकर आत्मनिर्भरता की दिशा में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। अनुसूचित जनजाति वर्ग से आने वाले शंकर सोड़ी को मत्स्य पालन विभाग की प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना एवं मत्स्य पालन प्रसार योजना का लाभ मिला। योजनाओं के माध्यम से मिले संसाधन और तकनीकी सहयोग ने उनके लिए मछली पालन को लाभकारी स्वरोजगार के रूप में विकसित करने का अवसर उपलब्ध कराया।
2 हेक्टेयर में बना तालाब, शुरू हुआ मछली पालन
प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत शंकर सोड़ी की स्वयं की भूमि पर 2 हेक्टेयर क्षेत्र में नवीन तालाब का निर्माण कराया गया। तालाब तैयार होने के बाद उन्होंने नियमित रूप से मछली पालन शुरू किया। इसके साथ ही मत्स्य पालन प्रसार योजना के अंतर्गत मछली एवं झींगा का समन्वित पालन भी किया जा रहा है।
मछली पकड़ने के लिए विभाग द्वारा जाल भी उपलब्ध कराया गया, जिससे उत्पादन एवं गतिविधियों को बढ़ावा मिला। योजनाओं के सहयोग से शंकर सोड़ी ने उपलब्ध भूमि एवं जल संसाधन का बेहतर उपयोग करते हुए मछली पालन को स्थायी आजीविका का माध्यम बनाया।
1.40 लाख रुपये की लागत से 4.71 लाख रुपये का कारोबार
शंकर सोड़ी ने मछली पालन गतिविधि में कुल 1.40 लाख रुपये की लागत लगाई। इससे उन्हें 1,965 किलोग्राम मछली उत्पादन प्राप्त हुआ। उत्पादित मछली के विक्रय से उन्हें कुल 4.716 लाख रुपये की आय हुई। इस प्रकार लागत घटाने के बाद उन्होंने लगभग 3.316 लाख रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित किया।
सरकारी योजना से मिला संबल, मछली पालन बना आत्मनिर्भरता का आधार
मत्स्य पालन विभाग की योजनाओं से मिले तकनीकी एवं संसाधन संबंधी सहयोग ने शंकर सोड़ी के लिए मछली पालन को आर्थिक रूप से लाभकारी गतिविधि बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वर्तमान में मछली पालन से उनका वार्षिक कारोबार 4.71 लाख रुपये तक पहुंच गया है। मछली पालन से प्राप्त आय ने उनके परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के साथ ही उन्हें आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाया है। शंकर सोड़ी की यह सफलता बताती है कि शासकीय योजनाओं का लाभ लेकर ग्रामीण क्षेत्रों में उपलब्ध प्राकृतिक संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए मछली पालन को लाभकारी स्वरोजगार के रूप में विकसित किया जा सकता है।
तुषार पांडे बताते हैं कि सोलर रूफटॉप लगवाने का निर्णय उनके परिवार के लिए लाभदायक साबित हुआ है। बिजली के मासिक खर्च से राहत मिलने के साथ ही स...
महतारी वंदन योजना एवं प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की हितग्राही महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए। बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण के लिए महतारी वंदन यो...
नुक्कड़ नाटक के माध्यम से स्वयंसेवकों ने टीबी के लक्षण, समय पर जांच एवं उपचार के महत्व के साथ-साथ नशे के दुष्प्रभावों के प्रति आम नागरिकों को जागरूक...
कार्यक्रम के दौरान राष्ट्रीय इनोवेशन चौलेंज में विद्यार्थियों की भागीदारी को लेकर आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन भी प्रदान किया गया। विद्यार्थियों क...
कलेक्टर विश्वदीप ने कहा कि कौशल ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण एवं जिम्मेदारी के साथ किया। जिले में...
महिलाओं को अपने घरों में मुनगा लगाने के लिए प्रेरित किया गया। मुनगा की पत्तियों एवं फलियों में मौजूद पोषक तत्वों की जानकारी देते हुए इसे नियमित आहा...