एमसीबी (वीएनएस)। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयुर्वेद दिवस के अवसर पर विकासखंड खड़गवां, जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में आयुष स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के माध्यम से क्षेत्रवासियों को आयुर्वेद एवं आयुष चिकित्सा पद्धति की उपयोगिता के प्रति जागरूक करने के साथ उन्हें निःशुल्क स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। शिविर में बड़ी संख्या में नागरिकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की और स्वास्थ्य परीक्षण एवं चिकित्सकीय परामर्श का लाभ लिया।
भगवान धन्वंतरि की पूजा-अर्चना से हुआ शिविर का शुभारंभ
आयुष स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ भगवान धन्वंतरि की विधिवत पूजा-अर्चना के साथ किया गया। भगवान धन्वंतरि को आयुर्वेद एवं चिकित्सा परंपरा में आरोग्य और स्वास्थ्य के प्रतीक के रूप में माना जाता है। पूजा-अर्चना के पश्चात शिविर की स्वास्थ्य सेवाओं की शुरुआत की गई। इस अवसर पर उपस्थित लोगों को आयुर्वेद की परंपरा, उसके महत्व तथा स्वस्थ जीवन में इसकी उपयोगिता के संबंध में जानकारी दी गई।
शिविर में डॉ. श्वेता गुप्ता ने आयुर्वेद के संबंध में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। उन्होंने नागरिकों को आयुर्वेद की उपचार पद्धति के साथ-साथ स्वस्थ जीवनशैली, संतुलित आहार और नियमित दिनचर्या के महत्व से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि स्वस्थ रहने के लिए बीमारी होने के बाद उपचार कराने के साथ-साथ पहले से ही स्वास्थ्य के प्रति जागरूक रहना आवश्यक है। दैनिक जीवन में संतुलित खान-पान और नियमित दिनचर्या को अपनाकर अनेक स्वास्थ्य समस्याओं से बचाव किया जा सकता है।
106 रोगियों की जांच, सभी को मिला निःशुल्क स्वास्थ्य लाभ
शिविर में आए कुल 106 रोगियों का निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान मरीजों की स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को समझते हुए उन्हें आवश्यक परामर्श प्रदान किया गया। परीक्षण के बाद जरूरत के अनुसार मरीजों को निःशुल्क औषधियों का वितरण भी किया गया। इससे क्षेत्र के लोगों को एक ही स्थान पर स्वास्थ्य परीक्षण, चिकित्सकीय सलाह और आवश्यक दवाइयों की सुविधा प्राप्त हुई।
आयुष स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया गया कि आयुर्वेद केवल रोगों के उपचार की पद्धति ही नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की समग्र जीवनशैली से भी जुड़ा है। शिविर में उपस्थित नागरिकों ने चिकित्सकों से स्वास्थ्य संबंधी जानकारी प्राप्त की और आयुर्वेद को अपनी दिनचर्या से जोड़ने के संबंध में महत्वपूर्ण बातें जानीं।
औषधि वितरण की व्यवस्था में नीरज और खरबदन ने संभाली जिम्मेदारी
शिविर के दौरान मरीजों को आवश्यक औषधियां उपलब्ध कराने के लिए नीरज शुक्ला एवं खरबदन प्रसाद कश्यप की ड्यूटी औषधि वितरण के लिए लगाई गई थी। दोनों ने अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन करते हुए मरीजों को आवश्यकतानुसार औषधियां उपलब्ध कराने में सहयोग किया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद मरीजों को दवा प्राप्त करने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए औषधि वितरण की व्यवस्था को व्यवस्थित रूप से संचालित किया गया।
शिविर में स्वास्थ्य सेवाओं के साथ-साथ व्यवस्थाओं को सुचारू बनाए रखने में विभिन्न स्तरों पर सहयोग किया गया। हितेंद्र कुमार का शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान रहा। उन्होंने शिविर की व्यवस्थाओं के संचालन में सहयोग प्रदान किया, जिससे स्वास्थ्य शिविर को व्यवस्थित एवं सफलतापूर्वक संपन्न कराने में सहायता मिली।
समापन पर स्वस्थ जीवन के लिए जागरूक रहने का संदेश
शिविर के समापन अवसर पर शिविर प्रभारी डॉ. ज्ञानेंद्र कुशवाहा ने अपने उद्बोधन के साथ शिविर के समाप्ति की घोषणा की। उन्होंने शिविर में पहुंचे नागरिकों, चिकित्सकीय टीम एवं व्यवस्थाओं में सहयोग करने वाले सभी लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने तथा आयुर्वेद में बताए गए स्वस्थ जीवन के सिद्धांतों को दैनिक जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया।
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