सामुदायिक मध्यस्थ नियुक्त हुए चंद्रकांत यादव, न्याय सुलभ बनाने में निभाएंगे भूमिका

Posted On:- 2026-09-08




कबीरधाम (वीएनएस)। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कबीरधाम द्वारा मध्यस्थता अधिनियम, 2023 के तहत सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र के लिए महत्वपूर्ण नियुक्तियां की गई हैं। प्राधिकरण के सचिव एवं न्यायाधीश अमन तिग्गा को सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। वहीं सामुदायिक मध्यस्थ के रूप में जिले के प्रतिष्ठित समाजसेवी चंद्रकांत यादव, वरिष्ठ नागरिक मोहन लाल गर्ग एवं श्रीमती सविता साहू की नियुक्ति की गई है।

सामुदायिक मध्यस्थ के रूप में नियुक्त चंद्रकांत यादव लंबे समय से सामाजिक क्षेत्र में सक्रिय भूमिका निभाते आ रहे हैं। वर्ष 2006 से निरंतर समाज सेवा के कार्यों में संलग्न यादव ने विधि, पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य, जन जागरूकता, सामाजिक समरसता तथा जनहित के अनेक कार्यक्रमों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उनके उत्कृष्ट सामाजिक कार्यों को देखते हुए उन्हें अब तक 2 राष्ट्रीय एवं 1 राज्य स्तरीय सम्मान से सम्मानित किया जा चुका है। उनकी इस नियुक्ति पर जिले के सामाजिक एवं प्रबुद्ध वर्ग में हर्ष का वातावरण है तथा अनेक संगठनों एवं नागरिकों ने उन्हें शुभकामनाएं प्रेषित की हैं।

मध्यस्थता अधिनियम, 2023 के अंतर्गत स्थापित सामुदायिक मध्यस्थता केन्द्र का मुख्य उद्देश्य समाज में उत्पन्न होने वाले विवादों का आपसी संवाद, समझौते और सहमति के माध्यम से समाधान करना है। इस व्यवस्था से ऐसे विवाद जिनका समाधान आपसी सहमति से संभव है, उन्हें न्यायालयों में लंबित मुकदमों में परिवर्तित होने से पूर्व ही सुलझाया जा सकेगा।

विशेष रूप से राजीनामा योग्य अपराध, घरेलू एवं पारिवारिक विवाद, पड़ोसी संबंधी विवाद, आपसी भूमि एवं संपत्ति विवाद, सामाजिक एवं सामुदायिक स्तर के मतभेद जैसे मामलों का निराकरण सामुदायिक मध्यस्थता के माध्यम से किया जाएगा। इससे संबंधित पक्षों का समय, धन एवं ऊर्जा की बचत होगी तथा न्यायालयों पर बढ़ते मामलों के भार को कम करने में भी सहायता मिलेगी।

सर्वोच्च न्यायालय एवं राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वैकल्पिक विवाद निवारण प्रणाली को बढ़ावा देने के उद्देश्य से सामुदायिक मध्यस्थता व्यवस्था को विशेष महत्व दिया जा रहा है। यह व्यवस्था न्याय तक आम नागरिकों की पहुंच को सरल एवं प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सामुदायिक मध्यस्थों की नियुक्ति से जिले में विवादों के शांतिपूर्ण एवं सौहार्दपूर्ण समाधान को नई दिशा मिलेगी। आपसी संवाद और सहमति के आधार पर विवादों के निराकरण से सामाजिक सद्भाव, भाईचारा एवं न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और अधिक मजबूत होगा।



Related News
thumb

नक्सली लीडर प्रभाकर और पत्नी राजे कांगे को 7-7 साल की सजा

नक्सलवाद के खिलाफ चल रही कार्रवाई के बीच पुराने नक्सली मामलों में अदालत की सुनवाई तेज हो गई है। उत्तर बस्तर में DKSZC रैंक के नक्सली


thumb

राधा-कृष्ण बनकर बच्चों ने लूटी महफिल

श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर अमासिवनी स्थित सुधा ओपन स्कूल के बच्चों ने राधा-कृष्ण और कान्हा के मनमोहक रूप में अपनी शानदार प्रस्तुति से लोगों


thumb

क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा में कवर्धा की भिनुप्रिया ने राष्ट्रीय स्तर पर...

खेलों और खिलाड़ियों के क्षेत्र में कार्य कर रही संस्था क्रीड़ा भारती द्वारा राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित ऑनलाइन क्रीड़ा ज्ञान परीक्षा ने कवर्धा की कक्ष...


thumb

छत्तीसगढ़ी को आठवीं अनुसूची में शामिल कराने के लिए सकारात्मक पहल

राज्यपाल रमेन डेका से लोक भवन में छत्तीसगढ़ी भाषाविदों ने भेंट कर छत्तीसगढ़ी भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करने तथा इसके संरक्षण, संवर...


thumb

वेब पोर्टल पर मिलेगी निजी विश्वविद्यालयों की जानकारी, राज्यपाल ने क...

राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को लोक भवन में छत्तीसगढ़ निजी विश्वविद्यालय विनियामक आयोग द्वारा तैयार किए गए नए वेब पोर्टल cgpurc.cgstate.gov.in का ...


thumb

कवर्धा के प्रमुख मार्ग होंगे नो-वेंडिंग जोन, सड़क घेरने वालों पर होग...

शहर में लगातार बढ़ते यातायात दबाव, मुख्य मार्गों पर व्यवसायिक गतिविधियों के कारण होने वाले अवरोध और आम नागरिकों को आवागमन में हो रही परेशानी को देखते