उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले योगी सरकार व समाजवादी पार्टी ने महिलाओं और बेटियों को साधने के लिए चुनाव के कुछ महीने पहले ही होड़ शुरू हो गई है।योगी सरकार कोई घोषणा महिलाओं व बालिकाओं के लिए करती हैं तो सपा के लिए भी जरूरी हो जाता है कि वह भी ऐसी कोई घोषणा करे।यूपी में भाजपा दो बार चुनाव जीतकर सरकार बना चुकी है और कई ऐसे काम किए जिनके कारण भाजपा की जीत तीसरी बार भी तय मानी जा रही है।ऐसे मे सपा के लिए इस बार का चुनाव जीतना प्रतिष्ठा का प्रश्न बन चुका है। यहीं वजह है कि सरकार का मुकाबला बराबरी से करने का प्रयास हर स्तर पर किया जा रहा है।यूपी में सपा भाजपा का विकल्प है तो उसे हर तरह से जनता को बताना और दिखाना जरूरी है कि योगी सरकार जो कुछ करने का वादा कर रही है या कर रही है तो हमारी सरकार आएगी तो हम भी वह सब कर सकते है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बड़ा ऐलान किया है कि उनकी सरकार प्रदेश की 50 हजार छात्राओं को स्कूटर देगी। बुधवार को लखनऊ में इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में ‘लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के शुभारंभ कार्यक्रम में सीएम ने ये एलान किया है।ऐसा करके उन्होंने साबित कर दिया है कि यूपी की डबल इंजन सरकार की हर एक योजना बेटियों को ध्यान में रखकर बनाई जा रही है और बेटियों की सुरक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता है। लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति यात्रा’ योजना के तहत उत्तर प्रदेश की 60 वर्ष एवं उससे अधिक आयु की महिलाओं के लिए निःशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। इस योजना का लाभ रोजाना करीब 88438 महिला यात्रियों को मिलने का अनुमान है। योजना के तहत निशुल्क यात्रा सुविधा के लिए 60 वर्ष से अधिक उम्र की महिलाओं को परिवहन निगम की ओर से विशेष स्मार्ट कार्ड उपलब्ध कराए जाएंगे। इससे पात्र महिला यात्रियों की पहचान और निशुल्क यात्रा की व्यवस्था को सुगम बनाया जा सकेगा।रक्षाबंधन के अवसर पर 27, 28 और 29 अगस्त को महिलाओं को अपने एक सहयात्री के साथ निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी। वहीं, इसके बाद 60 वर्ष की उम्र से ऊपर की हर एक महिला को निशुल्क बस यात्रा की सुविधा मिलेगी।
सीएम योगी कोई घोषणा करें तो सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव कैसे पीछे रह सकते हैं। अखिलेश यादव और मैनपुरी सांसद डिंपल यादव ने ‘स्त्री सम्मान समृद्धि योजना’ के तहत सत्ता में आने पर प्रदेश की हर महिला को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का वादा किया। अखिलेश यादव ने कहा कि भविष्य में इस राशि को और बढ़ाया भी जा सकता है। अखिलेश यादव ने यह भी घोषणा की कि सपा की सरकार बनने पर 12वीं पास करने वाली बेटियों को लैपटॉप दिए जाएंगे। महिलाओं और छात्राओं के लिए परिवहन सुविधाओं में सुधार का भी ऐलान करते हुए कहा कि छात्राओं को कार्ड के माध्यम से मेट्रो में मुफ्त यात्रा जैसी सुविधा उपलब्ध कराने पर काम किया जाएगा।उन्होंने कहा कि सपा सरकार बनने पर पहले की तरह छात्र-छात्राओं को साइकिल दी जाएगी। महिलाओं के लिए बेहतर सार्वजनिक शौचालय बनाए जाएंगे।
यूपी बड़ा राज्य है यहां ६ करोड महिला वोटर हैं,चुनाव जिताने में उनकी भूमिका सबसे अहम मानी जा रही है यही वजह है कि महिलाओं के लिए कई घोषणाएं योगी सरकार कर चुकी है और एक ऐसी घोषणा वह चुनाव के पहले कर सकती है जिसमें महिलाओं को पचास हजार रुपए सहायता के रूप में महिला सशक्तीकरण के लिए दिया जाएगा।यह योगी का सबसे प्रभावी हथियार माना जा रहा है क्योंकि बिहार मे इस हथियार का उपयोग कर भाजपा सत्ता में वापस आने में सफल रही है। बिहार के चुनाव के पहले राज्य की महिलाओं के खाते में दस हजार डाले गए थे,इसका महिलाओं पर यह असर हुआ कि महिलाओं ने भाजपा पर ज्यादा भरोसा किया।पं.बंगाल में भी भाजपा ने महिलाओं को इसी तरह प्रभावित कर चुनाव में ऐतिहासिक विजय हासिल की है।इससे पहले महाराष्ट्र,मप्र,छत्तीसगढ़ में भाजपा को महिला सशक्तीकरण के नाम पर चुनाव में सफलता मिली है। इसलिए माना जा रहा है कि यूपी में यह फार्मूला जीत को सुनिश्चित करने के लिए उपयोग में लाया जाएगा।
चूंकि योगी सरकार ने महिलाओं को सालाना पचास हजार रुपए देने की घोषणा नहीं की है, जबकि अखिलेश यादव ने साफ घोषणा कर दी है कि उनकी सरकार आई तो महिलाओं का चालीस हजार रुपए सहायता के रूप में दिए जाएंगे।वह जानते हैं कि योगी सरकार इससे ज्यादा की घोषणा कर सकती हैं इसलिए उन्होंने घोषणा के दौरान यह भी कहा है कि यह राशि बाद में बढ़ाई जा सकती है।यानी योगी सरकार जिस दिन घोषणा करेंगी उस दिन अखिलेश यादव भी राशि को बढ़ाने की घोषणा कर योगी सरकार के बराबर रखने का प्रयास तो करेंगे ही।आज चुनावी राजनीति में महिलाओं का महत्व इतना ज्यादा बढ़ा है तो इसका श्रेय पीएम मोदी को जाता है जिन्होंने महिलाओं के वोटों के दम पर तीन बार चुनाव में बड़ी सफलता हासिल की और यह धारणा बनाने में सफल रहे कि चुनावी राजनीति में महिलाएं भी महत्वपूर्ण हैं।यही वजह है राहुल गांधी महिलाओं की आजादी की बात कर रहे हैं तो अखिलेश चालीस हजार देने की बात कर रहे हैं।योगी पचास हजार देने की योजना बना रहे हैं।
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