फ़्लैश फ्लड ने उत्तरी नेपाल में मचाई तबाही: 7 की मौत, कई लोग लापता

Posted On:- 2026-08-26




काठमांडू/नई दिल्ली (वीएनएस)। उत्तरी नेपाल में भोटे कोशी नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने से बुधवार को आई बाढ़ ने रसुवा जिले में भारी तबाही मचा दी। तिब्बत सीमा के पास स्थित कई इलाकों में घर, वाहन, पुल और बुनियादी ढांचा परियोजनाएं बाढ़ की चपेट में आ गईं। अब तक 7 लोगों के शव बरामद किए गए हैं, जबकि कई लोगों के लापता होने की खबर है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रभावित इलाकों में राहत और खोजबीन का काम जारी है।

कितने लोग लापता?
उत्तरी रसुवा में सीमा चौकी पर तैनात नेपाल सशस्त्र पुलिस बल (APF) के चार जवान अचानक आई बाढ़ के बाद लापता बताए जा रहे हैं। इसके अलावा स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रसुवा सीमा शुल्क कार्यालय के 14 कर्मचारी भी संपर्क से बाहर हैं।

बाढ़ से क्षेत्र की बिजली परियोजनाओं को भी बड़ा नुकसान पहुंचा है। नेपाल के स्वतंत्र बिजली उत्पादक संघ के अनुसार, 15 हाइड्रोपावर परियोजनाएं प्रभावित हुई हैं। इनमें 10 चालू और 5 निर्माणाधीन परियोजनाएं शामिल हैं।

तिमुरे और स्याब्रुबेसी सबसे ज्यादा प्रभावित
अधिकारियों को स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 9 बजे नदी का जलस्तर अचानक बढ़ने की सूचना मिली। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आया प्रतीत होता है। तिमुरे और स्याब्रुबेसी की सीमावर्ती बस्तियां सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।

प्रशासन का कहना है कि बाढ़ से हुए नुकसान की पूरी तस्वीर अभी सामने नहीं आई है। राहत और आकलन दल प्रभावित इलाकों से लगातार जानकारी जुटा रहे हैं, इसलिए मृतकों और लापता लोगों की संख्या बढ़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा रहा है।

प्रशासन ने जताई बड़े नुकसान की आशंका
रसुवा जिले के प्रशासन प्रमुख नरेंद्र परियार ने बताया कि गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजना स्थलों के बह जाने की खबरें मिली हैं। उन्होंने भारी जान-माल के नुकसान की आशंका जताई, हालांकि तत्काल नुकसान का सटीक आकलन करना संभव नहीं है।

नेपाल सेना के अनुसार, तिमुरे और स्याब्रुबेसी क्षेत्र में व्यापक तबाही हुई है। कई वाहन, व्यावसायिक सामान और अन्य संपत्तियां बाढ़ के पानी में बह गईं। रसुवा के मुख्य सीमा शुल्क अधिकारी राजेंद्र ढुंगाना ने बताया कि सीमा शुल्क परिसर में खड़े कई वाहन और सामान भी बह गए। हाल ही में बनाया गया एक पुल भी बाढ़ में नष्ट हो गया।

काठमांडू से करीब 125 किलोमीटर दूर स्थित रसुवा तिब्बत की सीमा से सटा पहाड़ी जिला है और इसकी आबादी करीब 50 हजार बताई जाती है।

पांच जिलों के लिए अलर्ट
नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण और प्रबंधन प्राधिकरण ने रसुवा के अलावा नुवाकोट, धाडिंग, चितवन और गोरखा में नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। प्राधिकरण ने लोगों से स्थिति बिगड़ने पर तत्काल सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है।

प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव और नुकसान के आकलन में जुटी हैं। दुर्गम पहाड़ी इलाका होने के कारण राहत एवं बचाव अभियान में भी चुनौतियां सामने आ रही हैं।



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