एमसीबी (वीएनएस)। जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब), महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा भारत सरकार की महत्वाकांक्षी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ योजना के अंतर्गत शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खोंगापानी में ऑनलाइन सुरक्षा एवं साइबर जागरूकता कार्यक्रम के प्रथम सत्र का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को बढ़ते साइबर अपराधों के प्रति जागरूक बनाना, ऑनलाइन सुरक्षा के उपायों की जानकारी देना तथा उनके कानूनी अधिकारों के प्रति सजग करना था।
कार्यक्रम का आयोजन कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी संतन देवी जांगड़े के निर्देशानुसार तथा जिला कार्यक्रम अधिकारी आदित्य शर्मा के मार्गदर्शन में पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के सहयोग से संपन्न हुआ। संपूर्ण कार्यक्रम का संचालन जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (हब) की जिला मिशन समन्वयक तारा कुशवाहा द्वारा किया गया।
कार्यक्रम में पुलिस विभाग के सी. राकेश शर्मा, रवि शर्मा एवं जितेंद्र कुमार ने बालिकाओं को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक, सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, साइबर बुलिंग तथा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बरती जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जागरूकता और सतर्कता ही साइबर अपराधों से बचाव का सबसे प्रभावी माध्यम है।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की अंजनी यादव ने बालिकाओं को उनके संवैधानिक एवं कानूनी अधिकारों, महिला सुरक्षा संबंधी कानूनों, साइबर सुरक्षा, बाल विवाह निषेध अधिनियम तथा उपलब्ध कानूनी सहायता के बारे में विस्तार से जानकारी दी और आवश्यकता पड़ने पर विधिक सहायता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम में अजय विश्वकर्मा ने बालिकाओं के बीच बढ़ रही मानव तस्करी, उसके कारणों, पहचान के तरीकों तथा रोकथाम के उपायों पर विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए सतर्क रहने का संदेश दिया।
नवा बिहान (घरेलू हिंसा से महिलाओं का संरक्षण अधिनियम, 2005) की प्रतिनिधि नीता पांडे ने महिलाओं एवं बालिकाओं के साथ होने वाली घरेलू एवं मानसिक प्रताड़ना, उनके अधिकारों तथा कानूनी संरक्षण के संबंध में जानकारी साझा की। वहीं सखी वन स्टॉप सेंटर की केंद्र प्रशासक प्रियंका राजवाड़े ने संकट की स्थिति में महिलाओं एवं बालिकाओं को उपलब्ध कराई जाने वाली परामर्श, चिकित्सा, कानूनी सहायता, आश्रय एवं अन्य एकीकृत सेवाओं की जानकारी प्रदान की।
जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र की जेंडर विशेषज्ञ शैलजा गुप्ता ने महिलाओं को एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाने वाली एकीकृत सहायता सेवाओं, कौशल विकास, रोजगार, डिजिटल साक्षरता, स्वास्थ्य एवं पोषण संबंधी योजनाओं की जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया।
वित्तीय साक्षरता एवं समन्वय विशेषज्ञ अनीता कुमारी शाह ने महिला हेल्पलाइन 181, साइबर हेल्पलाइन 1930, चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 सहित विभिन्न आपातकालीन हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी देते हुए आवश्यकता पड़ने पर इन सेवाओं का तत्काल उपयोग करने की अपील की।
कार्यक्रम में विद्यालय की प्राचार्य सुषमा टोप्पो, शिक्षिका मधु कश्यप, लक्ष्मी सिंह, रिंकू सिंह, स्वाति सिंह, मनीषा सुराणा तथा राजेश गुप्ता, मनीष कुमार गुप्ता, शिवकुमार चौधरी सहित विद्यालय परिवार के सदस्यों ने सक्रिय सहभागिता निभाई।
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