वाशिंगटन (वीएनएस)। अमेरिका-ईरान के बीच पीस डील हो चुकी है। जी7 समिट से लेकर ट्रुथ सोशल से लगातार वर्तमान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा को निशाने पर लेते आए हैं। 'जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन' (जेसीपीओए) को 'ईरान को रिश्वत देने की कोशिश' कहते आए हैं और अपने हालिया शांति समझौते को बेहतरीन करार दे रहे हैं। अब ओबामा ने ईरान नीति की सख्त मुखालफत की है। उन्होंने कहा है कि हालात पहले से बदतर हो गए हैं।
ईरान के साथ अमेरिका के पिछले परमाणु समझौते पर हस्ताक्षर करने वाले पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने एक साक्षात्कार में ट्रंप प्रशासन की ईरान नीति की आलोचना की। शुक्रवार को प्रसारित कार्यक्रम में, ओबामा ने कहा, हमने अब एक युद्ध लड़ा है, अरबों-खरबों डॉलर खर्च किए हैं, अपनी सेना पर भारी दबाव डाला है। बहुत से लोगों की जान गई है। और ऐसा लगता है कि हम वहीं वापस आ गए हैं जहां युद्ध शुरू करने से पहले थे, बल्कि शायद स्थिति उससे भी थोड़ी खराब हो गई है।
ओबामा ने कहा कि वह संघर्ष विराम से खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि यह कायम रहेगा। उन्होंने कहा, मैं युद्धविराम देखकर बहुत खुश हूं और आशा करता हूं कि यह बना रहेगा।
इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति ने ट्रंप प्रशासन द्वारा ईरान के खिलाफ अपनाई गई नीति और सैन्य कार्रवाई के औचित्य पर भी सवाल उठाया, कहा कि उनके कार्यकाल में हुए ईरान परमाणु समझौते के तहत ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने पर सहमति जताई थी।
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