बस्तर से नक्सलवाद का खात्मा हो चुका है, बड़े ब़ड़े नक्सली नेता या तो मारे जा चुके हैं या उन्होंने सरेंडर कर दिया है।नक्सली गतिविधियां अब बस्तर में बंद हो चुकी हैं।बस्तर के विकास का यह तो एक चरण था। इतना कर देने से ही बस्तर में सब कुछ अच्छा नहीं सकता है।नक्सलियों का सफाया तो बस्तर के विकास की दिशा में एक चरण है। यानी बस्तर के विकास के लिए अभी तो बहुत करना बाकी है।विकसित बस्तर की कल्पना तो नक्सलियों के रहते की नहीं जा सकती थी।विकसित बस्तर के लिए नक्सलियों का सफाया जरूरी था।यह काम अमित शाह व साय सरकार ने पूरा कर दिया है।अब अमित शाह ने बस्तर के लोगों का बताया है कि उनके विकास के लिए सरकार ने क्या किया है और आगे क्या करने वाली है ताकि विकसित भारत के साथ ही विकसित बस्तर के लक्ष्य को हासिल किया जा सके।
नक्सलियों का सफाया अमित शाह का २०२६ का लक्ष्य था और साय सरकार के सहयोग से इस लक्ष्य का हासिल किया जा चुका है। अपने छत्तीसगढ़ प्रवास के दौरान अमित शाह ने इस बार बताया है कि अब बस्तर के विकास के लिए अगले पाचं साल क्या करना है।यह तो सब जानते हैं कि जब अमित शाह कोई लक्ष्य तय करते हैं तो वह जानते हैं कि इस लक्ष्य को कैसे हासिल किया जा सकता है और इसमें कितना वक्त लग सकता है।यही वजह है कि माओवादियों के खात्मे के बाद पहली बार प्रेस कांफ्रेंस में अमित शाह ने वादा किया है कि २०३१ तक विकसित बस्तर बनाया जाएगा।उन्होंने बस्तर के लोगों को आश्वस्त किया है कि अब भय में जीने की जरूरत नहीं है।नया सूर्योदय हो चुका है।केंद्र व साय सरकार यहां के आदिवासियों के साथ है।अब बस्तर विकसित बस्तर बनने जा रहा है।
उन्होंने बस्तर के लोगों को बताया कि विकसित बस्तर कैसे बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य में भाजपा की सरकार है।यह दोनों सरकार बस्तर के विकास के लिए वह सब करेंगी जो जरूरी है।इसके तहत सब कल्याणकारी योजनाओं को बस्तर के लोगों तक पहुंचाया जाएगा,उससे लाभान्वित कराया जाएगा।वनोपज की पैकेजिंग,मार्केटिंग के साथ है कौशल विकास और दुग्ध उत्पादन कर लोगों की आय बढ़ाई जाएगी।उन्होंने बताया कि विकसित बस्तर के रोड मैप में सुरक्षा कैंप की भी अहम भूमिका होगी।पहले यह कैंप सुरक्षा का काम करते थे और यह कैंप हर तरह की सेवा का काम करेंगे। बस्तर में जितने भी कैंप हैं उनको सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा।इस सेवा केंद्रों के माध्यम से ही केंद्र व राज्य की ३५० योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाया जाएगा।
अमित शाह ने बताया कि सेवा केंद्र में जनवितरण प्रणाली दुकानें,आंगनबाड़ी, पीएचसी, बैंकिंग सेवाएं आदि होंगी। बस्तर में डेयरी तक दूध पहुंचाने का काम भी यह सेवा केंद्र करेंगे।इन सेवा केंद्रों में लोगों को कौसल विकास का प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।यह सेवा केंद्र किसान की प्राथमिक समिति का भी काम करेंगे।बस्तर में हर परिवार को एक गाय और एक भैंस दिया जाएगा और यह सेवा केंद्र दूध एकत्र कर डेयरी तक पहुंचाएंगे ।उन्होंने बताया कि दूध के लिए एनडीडीबी का राज्य सरकार से करार हो चुका है।उन्होंने कहा कि माओवादियों के कारण बस्तर में पचास साल से विकास रुका हुआ था बस्तर को देश के अन्य भागों के बराबर मे लाने में पांच साल का समय लगेगा।
अमित शाह ने कहा था कि ३१ मार्च २६ तक नक्सलियों का सफाया कर दिया जाएगा और ऐसा उन्होंने साय सरकार की मदद से करके दिखाया है तो वह कह रहे हैं कि पांच साल में बस्तर काे विकसित बस्तर बनाकर दिखाएंगे तो उस पर यकीन किया जा सकता है क्योंकि आज अमित शाह ने जो कहा है वह करके भी दिखाया है।जो काम उनको सौंपा गया है, वह उसमें सफल रहे हैं।चाहे यूपी का चुनाव हो,आतंकवाद का सफाया हो, पं.बंगाल चुनाव जीतना हो।उन्होंने करके दिखाया है।बस्तर में नक्सलियों का सफाया ऐसी सचाई है कि बस्तर की जनता जानती है कि यह काम किसने करके दिखाया है। किसने बस्तर में नक्सलियों की मदद कर उनको बचाने का काम किया है।ऐसे लोगों का अमित शाह की सफलता बुरी लगती है क्योंकि आज भी वह चाहते हैं कि बस्तर में कोई नक्सली वारदात हो तो वह कह सकें कि अमित शाह झूठ कहते हैं कि नक्सलियों का सफाया हो गया है।वह खुद सफल हो नहीं हो सके और कोई दूसरा सफल हो गया है तो उसकी सफलता पर सवालिया निशान लगाते हैं।
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