बालोतरा (वीएनएस)। राजस्थान के महत्वाकांक्षी औद्योगिक प्रोजेक्ट HPCL पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी भीषण आग ने सुरक्षा व्यवस्था और प्रोजेक्ट की समयसीमा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। हादसे के चलते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का प्रस्तावित उद्घाटन दौरा भी स्थगित करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि आग रिफाइनरी की सबसे अहम इकाई क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) में लगी, जहां कच्चे तेल को पेट्रोल और डीजल में प्रोसेस किया जाता है। घटना उस समय हुई जब रिफाइनरी का करीब 92 प्रतिशत काम पूरा हो चुका था और ट्रायल रन चल रहा था।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस हादसे के बाद यूनिट की मरम्मत और तकनीकी आकलन में 1 से 6 महीने तक का समय लग सकता है। इससे न केवल प्रोजेक्ट की समयसीमा प्रभावित होगी, बल्कि राज्य और देश की अर्थव्यवस्था पर भी असर पड़ेगा।
जानकारों का मानना है कि रिफाइनरी के संचालन में हर महीने की देरी से हजारों करोड़ रुपए के संभावित राजस्व का नुकसान हो सकता है। अनुमान के मुताबिक, जुलाई 2026 से उत्पादन शुरू होने पर हर महीने 50,000 से 80,000 करोड़ रुपए तक का राजस्व मिल सकता था।
पचपदरा रिफाइनरी का सफर भी काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। वर्ष 2013 में करीब 37 हजार करोड़ रुपए की लागत से शुरू हुए इस प्रोजेक्ट की लागत अब बढ़कर लगभग 79 हजार करोड़ रुपए तक पहुंच चुकी है। देरी और कोविड जैसी परिस्थितियों ने इसकी लागत और समयसीमा दोनों को प्रभावित किया।
फिलहाल हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए तकनीकी जांच की जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक तकनीक और अनुभवी इंजीनियरों की मौजूदगी के बावजूद इस तरह की घटना चिंताजनक है और इसकी विस्तृत ऑडिट रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
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