दंतेवाड़ा (वीएनएस)। जिले के बच्चों के जीवन के आरंभिक आठ वर्ष उनके समग्र विकास की आधारशिला माने जाते हैं। इसी महत्वपूर्ण चरण में उनकी भाषा, सोच, जिज्ञासा, संवेदनशीलता, नैतिकता, रचनात्मकता तथा तार्किक क्षमता का विकास होता है। इन पहलुओं को ध्यान में रखते हुए राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्राथमिक स्तर पर पाँच दिवसीय (बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मकता) जिला स्तरीय प्रशिक्षण का आयोजन 10 अप्रैल से 14 अप्रैल तक डाइट दंतेवाड़ा में किया गया।
इस संबंध में जिला नोडल अधिकारी संदीप सामंत ने बताया कि यह प्रशिक्षण केवल विषय आधारित नहीं है, बल्कि शिक्षा को संस्कारों से जोड़ने का एक समग्र प्रयास है। प्रशिक्षण के दौरान योग, कला, खेल एवं नैतिक शिक्षा के माध्यम से बच्चों में अनुशासन, सहानुभूति, सहयोग, आत्मविश्वास एवं भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के विकास पर विशेष जोर दिया गया। उन्होंने आगे बताया कि प्रशिक्षण में पंचकोश आधारित समग्र विकास की अवधारणा को भी शामिल किया गया है, जिससे शिक्षा केवल बौद्धिक स्तर तक सीमित न रहकर बच्चों के शारीरिक, मानसिक, भावनात्मक एवं आध्यात्मिक विकास को भी सुनिश्चित कर सके।
छत्तीसगढ़ राज्य एफएलएन प्रभारी शबनम खान के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिले के चारों विकासखण्डों से बीआरजी (ब्लॉक रिसोर्स ग्रुप) के सदस्यों ने भाग लिया। ये प्रशिक्षित सदस्य आगामी 2 जून से अपने-अपने विकासखण्डों में शिक्षकों को प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। प्रशिक्षण में मास्टर ट्रेनर्स राजकुमारी मंडावी, गया प्रसाद, बलराम रेड्डी, दिनेश मंगराज एवं संदीप सामंत ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वहीं डाइट के पी.एल. साहू, उमेश्वरी साहू तथा एसआरजी राजकुमार जलतारे ने विशेष सहयोग एवं प्रोत्साहन दिया। डाइट प्राचार्य शैलेष कुमार सिंह एवं संतोष कुमार मिश्रा सहित समस्त अकादमिक स्टाफ ने प्रशिक्षण की सफलता पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आगामी चरणों के लिए प्रभावी रणनीति तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने विश्वास जताया कि इस पहल से जिले के विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता में सकारात्मक परिवर्तन देखने को मिलेगा।
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