वाशिंगटन (वीएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि ईरान की सैन्य ताकत अब काफी कमजोर हो चुकी है और बातचीत में उसके पास अब कोई मजबूत विकल्प नहीं बचा है। एक इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि ईरान लंबे समय से अमेरिका के खिलाफ कड़ी बातें करता रहा है। उन्होंने कहा कि ईरान अक्सर अमेरिका मुर्दाबाद और इजरायल मुर्दाबाद जैसे नारे लगाता रहा है और यहां तक कहता है कि वह अमेरिका को खत्म कर देगा। ट्रंप ने यह भी सवाल उठाया कि ऐसे बयानों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ज्यादा प्रतिक्रिया क्यों नहीं होती। उन्होंने कहा कि यह बहुत गंभीर बात है, लेकिन दुनिया इसे उतना महत्व नहीं देती। उन्होंने दावा किया कि हाल में अमेरिका की कार्रवाई से हालात पूरी तरह बदल गए हैं। उनके अनुसार, ईरान की सेना अब लगभग खत्म हो चुकी है और उसकी ताकत पहले जैसी नहीं रही।
ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की नेतृत्व व्यवस्था में भी बदलाव आया है। उन्होंने कहा, यहां सत्ता परिवर्तन हुआ है क्योंकि जिन लोगों से हमने कल बात की थी, सच कहूं तो वे बहुत होशियार और तेज-तर्रार थे। उन्होंने आरोप लगाया कि ईरान ने अपना बहुत सारा पैसा हथियारों पर खर्च किया, लेकिन अमेरिका ने उन हथियारों का बड़ा हिस्सा नष्ट कर दिया है।
ट्रंप का कहना है कि उनकी सख्त भाषा और रुख के कारण ही ईरान बातचीत की मेज पर आया और अब तक वहां बना हुआ है। उन्होंने उम्मीद जताई कि अंत में अमेरिका को वह सब मिलेगा जो वह चाहता है।
उन्होंने साफ कहा कि वे किसी समझौते में थोड़ी-बहुत रियायत नहीं चाहते, बल्कि पूरी तरह अपनी शर्तें मनवाना चाहते हैं। उन्होंने कहा, मैंने अपने लोगों से कहा कि मुझे सब कुछ चाहिए। मुझे 90 प्रतिशत नहीं चाहिए। मुझे 95 प्रतिशत नहीं चाहिए। मैंने उनसे कहा कि मुझे सब कुछ चाहिए।
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