पीएम मोदी ने पुणे मेट्रो पिंक लिंक का उद्घाटन किया, कहा 12 साल में नेटवर्क 1200 किमी पहुंचा

Posted On:- 2026-11-03




पुणे,(वीएनएस)। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि वर्ष 2014 से पहले देश में 248 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क परिचालन में था जबकि अब यह बढ़कर 1,200 किलोमीटर हो गया है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बेहतर शहरी बुनियादी ढांचा देश की आर्थिक वृद्धि को तेज करेगा। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए पुणे मेट्रो लाइन 3 (पिंक लाइन) का उद्घाटन करते हुए मोदी ने कहा, ‘‘जब देश ने 2014 में राजग (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) को सेवा करने का मौका दिया तो हमने शहरों में रहने वाले मध्यम वर्ग के लिए जीवन को आसान बनाने और परिवहन को सुगम बनाने के संकल्प के साथ काम शुरू किया।’’ मोदी ने दूसरे चरण के तहत चार नए मेट्रो कॉरिडोर की आधारशिला भी रखी जिसमें कुल लगभग 21,800 करोड़ रुपये का निवेश शामिल है।
उन्होंने 23 किलोमीटर लंबी ‘पिंक लाइन’ का उद्घाटन किया जिसे 8,300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से बनाया गया है। यह कॉरिडोर हिंजवाडी आईटी हब को डिस्ट्रिक्ट कोर्ट मेट्रो स्टेशन से जोड़ेगा। इससे हजारों आईटी पेशेवरों को रोजाना आवागमन में सुविधा मिलने, यातायात जाम कम होने और निजी वाहनों पर निर्भरता घटने की उम्मीद है।
पिंक लाइन का संचालन महिला ऑपरेटरों द्वारा किया जाएगा। इसकी बिजली की लगभग 30 प्रतिशत जरूरतें सौर ऊर्जा से पूरी की जाएंगी। मोदी ने पुणे मेट्रो के फेज-2 की भी आधारशिला रखी जिसकी अनुमानित लागत लगभग 13,500 करोड़ रुपये है।
इस चरण में चार कॉरिडोर - लाइन 2ए, 2बी, 4 और 4ए शामिल होंगे जो शहर के प्रमुख आवासीय, वाणिज्यिक और आईटी केंद्रों को जोड़ेंगे। प्रधानमंत्री ने कहा, ‘‘वर्ष 2014 में भारत में मेट्रो नेटवर्क केवल 248 किलोमीटर का था जो अब बढ़कर लगभग 1,200 किलोमीटर हो गया है। 2014 में मेट्रो सेवाएं केवल पांच शहरों में उपलब्ध थीं जबकि अब 26 शहरों में मेट्रो चल रही है।
हर दिन एक करोड़ से अधिक लोग मेट्रो से यात्रा करते हैं।’’ उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के शीर्ष तीन मेट्रो नेटवर्क वाले देशों में शामिल है। उन्होंने यह भी कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश के शहरी परिवहन बुनियादी ढांचे में व्यापक बदलाव आया है। प्रधानमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पूरे देश में मेट्रो नेटवर्क का विस्तार यह दर्शाता है कि सरकार का जोर ‘जन-केंद्रित’ और ‘सक्रिय सुशासन’ पर रहा है।
मोदी ने कहा, ‘‘पुणे मेट्रो के विस्तार से कनेक्टिविटी बेहतर होगी, आने-जाने में लगने वाला समय बचेगा और शहर की उत्पादकता बढ़ेगी।’’ उन्होंने कहा कि बेहतर शहरी बुनियादी ढांचा भारत की आर्थिक वृद्धि को गति देगा। उन्होंने कहा कि हिंजवाडी और शिवाजीनगर के बीच मेट्रो सेवा शुरू होने से पुणे के एक प्रमुख आईटी हब को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पुणे मेट्रो के विस्तार से शहर के पुराने और नए इलाकों के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी।’’ मोदी ने याद किया कि लगभग एक दशक पहले उन्होंने ही पुणे मेट्रो के पहले चरण की आधारशिला रखी थी।
पुणे को देश और समाज को एक नयी दिशा देने वाला विचारों का केंद्र बताते हुए मोदी ने कहा कि यह शहर आईटी, ऑटोमोबाइल, फार्मास्यूटिकल्स, स्टार्टअप, नवाचार और विनिर्माण के क्षेत्रों में अपनी मौजूदगी के जरिए भारत की नयी ऊर्जा को भी आकार दे रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘बेहतर मेट्रो कनेक्टिविटी पुणे के विकास को एक नयी गति देगी।’’ मोदी ने कहा कि मेट्रो नेटवर्क का विस्तार न केवल लोगों के आने-जाने के समय की बचत कर रहा है, बल्कि नागरिकों के लिए सुविधाओं को भी बेहतर बना रहा है। उन्होंने कहा कि मेट्रो बुनियादी ढांचा का विकास पूरे देश में शहरी परिवहन व्यवस्था को बदल रहा है।
मोदी ने कहा कि महाराष्ट्र में 2014 में सिर्फ 11 किलोमीटर लंबा मेट्रो नेटवर्क परिचालन में था जो अब बढ़कर लगभग 200 किलोमीटर हो गया है, जबकि 680 किलोमीटर से अधिक लंबी मेट्रो लाइन पर काम जारी है। मोदी ने कहा, ‘‘महाराष्ट्र में अकेले मेट्रो बुनियादी ढांचे में 2.5 लाख करोड़ रुपये से अधिक का निवेश आ रहा है जिससे श्रमिकों, इंजीनियरों और व्यवसायों के लिए रोजगार के अवसर पैदा हो रहे हैं। इस निवेश से श्रमिकों की जेब में पैसा आ रहा है, इंजीनियरों को काम मिल रहा है और दुकानों तथा कारखानों में नौकरियां पैदा हो रही हैं।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि शहर केवल रहने की जगह नहीं बल्कि आर्थिक गतिविधियों के प्रमुख केंद्र होते हैं।
उन्होंने देश भर के सैकड़ों छोटे शहरों को विकास केंद्रों के रूप में विकसित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने भरोसा जताया कि इस प्रयास में महाराष्ट्र की भूमिका और बढ़ेगी। उन्होंने कहा, ‘‘पुणे मेट्रो परियोजना महत्वपूर्ण है क्योंकि इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के तहत विकसित किया गया था।
यह दिखाता है कि सरकार और निजी क्षेत्र के संयुक्त प्रयासों से विकास की गति कैसे तेज हो सकती है।’’ मोदी ने कहा कि विकसित भारत के दृष्टिकोण में शहरी बुनियादी ढांचा केंद्र में है। उन्होंने आगे कहा कि अब शहरों की पहचान केवल उनके उद्योगों या उत्पादों से नहीं होती बल्कि उनकी प्रतिस्पर्धात्मकता और जीवन की गुणवत्ता से होती है। उन्होंने कहा, ‘‘मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से न केवल आने-जाने का समय बच रहा है बल्कि नागरिकों के लिए सुविधा भी बढ़ रही है।
जब किसी शहर का समय बचता है तो उसकी उत्पादकता बढ़ती है जिससे देश की अर्थव्यवस्था को फायदा होता है और गरीब तथा मध्यम वर्ग को लाभ होता है।’’ प्रधानमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने इस साल फरवरी में शहरी चुनौती कोष को मंजूरी दी है। इसमें एक लाख करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता शामिल है जिसका उद्देश्य आने वाले वर्षों में शहरी विकास के लिए निवेश जुटाना है। उन्होंने स्थानीय निकायों और निजी क्षेत्र के हितधारकों से आग्रह किया कि वे छोटे शहरों को विकास के केंद्रों में बदलने के लिए ‘मिशन मोड’ में मिलकर काम करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का दृष्टिकोण केवल सहायता देने के बजाय लोगों को सशक्त बनाने पर केंद्रित है। उन्होंने महाराष्ट्र में खराब मौसम के कारण किसानों को हो रही परेशानियों पर भी चिंता जताई। मोदी ने कहा कि इस संकट के समय केंद्र और राजग सरकार पूरी मजबूती से किसानों के साथ खड़ी है और उन्हें पूरी संवेदनशीलता के साथ मदद का भरोसा दिलाया।उन्होंने लोगों से अपील की कि वे यह सुनिश्चित करें कि इस स्थिति से प्रभावित किसान और ग्रामीण परिवार भी दिवाली मना सकें। उन्होंने कहा कि यह हम सबकी सामूहिक सामाजिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा, ‘‘हम मिलकर इस आपदा का सामना करेंगे।



Related News
thumb

एनआईटी रायपुर दीक्षांत समारोह: जी. किशन रेड्डी बोले, ऊर्जा और खनन ...

केंद्रीय कोयला और खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने मंगलवार को कहा कि भारत के लिए सबसे बड़ा अवसर ऊर्जा, कृषि, स्वास्थ्य सेवा, बुनियादी ढांचा, खनन और पर...


thumb

सत्ता परिवर्तन के नाम पर राहुल गांधी अराजकता फैलाएंगे तो जनता उनका ...

राहुल गांधी “सत्ता परिवर्तन” के लिए अपने “अराजकता के मॉडल” को जारी रखते हैं, तो जनता विपक्ष में उनकी जगह कोई दूसरा विकल्प ढूंढ लेगी


thumb

राजनाथ सिंह बोले रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता बाहरी निर्भरता रोकन...

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत के ‘आत्मनिर्भरता’ के प्रयास को प्रौद्योगिकीय संप्रभुता हासिल करने के उपक्रम के रूप में समझना चाहिए।


thumb

सार्वजनिक धन के उपयोग में जवाबदेही जरूरी, PAC सुधारात्मक कदम उठाए: ...

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने मंगलवार को कहा कि सरकारी खजाने से निकाले जाने वाले एक-एक रुपये का उचित हिसाब रखा जाना चाहिए और उसका पूरा उपयोग उसी उद्दे...


thumb

भूपेश बघेल को सुप्रीम कोर्ट से झटका, चुनाव याचिका पर दायर अर्जी खारिज

उच्चतम न्यायालय ने छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की वह याचिका खारिज कर दी है जिसमें उन्होंने पाटन चुनाव याचिका पर प्रारंभिक मुद्दा तय क...