चक्रवात ‘अर्नब’ से प्रभावित खरीफ फसलों का संयुक्त सर्वेक्षण कर रहे राजस्व और कृषि विभाग

Posted On:- 2026-10-31




टमटोरा और रामटेक में खेतों का निरीक्षण; धान की फसल गिरने और जलभराव की स्थिति का लिया जायजा

सारंगढ़–बिलाईगढ़ (वीएनएस)। चक्रवात ‘अर्नब’ के प्रभाव से खरीफ फसलों को हुई क्षति का आकलन करने के लिए राजस्व और कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी संबंधित बीमा कंपनी के प्रतिनिधियों के साथ प्रभावित क्षेत्रों का संयुक्त रूप से सतत निरीक्षण कर रहे हैं। कलेक्टर पद्मिनी भोई साहू के निर्देशानुसार सर्वेक्षण दल खेतों में पहुंचकर फसलों की वास्तविक स्थिति का जायजा ले रहे हैं, ताकि प्रभावित किसानों के फसल क्षति दावों पर नियमानुसार कार्रवाई की जा सके।

इसी क्रम में 31 अक्टूबर को विकासखंड सारंगढ़ के ग्राम टमटोरा और रामटेक में प्रभावित खेतों का मौका निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान कई किसानों के खेतों में धान की फसल गिरी हुई और जलभराव की स्थिति पाई गई। अधिकारियों ने फसल क्षति का अवलोकन कर प्रभावित खेतों और क्षेत्रवार नुकसान का आकलन करने के निर्देश दिए। मौके पर उपस्थित अनुविभागीय अधिकारी राजस्व सारंगढ़ ने संबंधित अधिकारियों को सर्वेक्षण कार्य प्राथमिकता से और शीघ्र पूरा करने तथा प्रभावित किसानों को नियमानुसार राहत एवं क्षतिपूर्ति का लाभ दिलाने के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

उप संचालक कृषि आशुतोष श्रीवास्तव ने बताया कि कृषि विभाग मैदानी स्तर पर फसल क्षति के आकलन के लिए लगातार निगरानी कर रहा है। उन्होंने जलभराव से फसल को होने वाली क्षति कम करने के लिए किसानों को प्रभावित खेतों से जल्द पानी निकालने की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी। वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारियों के माध्यम से ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों को अपने-अपने कार्यक्षेत्र में फसलों का सतत निरीक्षण करने, वास्तविक स्थिति का आकलन करने और प्रभावित किसानों को बीमा कंपनी को सूचना देने की प्रक्रिया से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।

प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत बीमित फसलों को प्राकृतिक आपदा अथवा प्रतिकूल मौसम से क्षति होने पर किसानों को घटना की सूचना निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार 72 घंटे के भीतर दर्ज करानी होगी। किसान कृषि रक्षक पोर्टल एवं हेल्पलाइन के टोल-फ्री नंबर 14447 अथवा व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर सूचना दे सकते हैं। इसके अतिरिक्त कृषि विभाग के माध्यम से बीमा कंपनी को 72 घंटे के भीतर लिखित सूचना भी दी जा सकती है। समय-सीमा में सूचना देने से फसल क्षति दावे की प्रक्रिया में आवश्यक कार्रवाई की जा सकेगी।



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