नई दिल्ली (वीएनएस)। हाल ही में संयुक्त राष्ट्र (यूएन) की एक बैठक में भारत ने खुले तौर पर पाकिस्तान के अल्पसंख्यकों की सुरक्षा के रिकॉर्ड पर सवाल उठाए। यूएन में भारत की फर्स्ट सेक्रेटरी भविका मंगलानंदन ने पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की लगातार घटती संख्या और मानवाधिकारों के उल्लंघन के लगातार सामने आ रहे मामलों का जिक्र किया।
उन्होंने साफ कहा, पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की संख्या कम हो रही है और उनके अधिकारों का लगातार हनन हो रहा है। जो देश अपने ही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा नहीं कर सकता, उसे भारत को नसीहतें देने का कोई हक नहीं है। भविका मंगलानंदन ने जोर देकर कहा कि मानव पीड़ा को राजनीतिक हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने पाकिस्तान, खासकर सिंध प्रांत में हिंदू और ईसाई समुदायों के साथ हो रहे जबरन धर्म परिवर्तन और शादियों पर गहरी चिंता जताई।
इसके साथ ही उन्होंने धार्मिक स्वतंत्रता के उल्लंघन से जुड़ी खबरों की रिपोर्टिंग में अधिक निष्पक्षता बरतने की भी अपील की।
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