नई दिल्ली(वीएनएस)।केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने अपने पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर उन्होंने 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में बीजेपी संगठन को मजबूत करने की इच्छा जताई। उनके इस कदम के बाद केंद्रीय कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें तेज हो गई हैं।
सूचना और प्रसारण तथा संसदीय मामलों के केंद्रीय राज्य मंत्री एल. मुरुगन ने अपने पद और राज्यसभा सदस्यता से इस्तीफ़ा दे दिया है। मुरुगन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक पत्र लिखकर उन्हें उनकी जिम्मेदारियों से मुक्त करने का अनुरोध किया और कहा कि वह अपना समय तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने में लगाना चाहते हैं। उन्होंने X पर अपनी पोस्ट में लिखा कि अब मैं जमीनी स्तर पर लौटना चाहता हूं, अपने कार्यकर्ताओं के साथ खड़ा होना चाहता हूं और 2029 के लोकसभा चुनावों से पहले तमिलनाडु में बीजेपी को मजबूत करने के लिए खुद को पूरी तरह समर्पित करना चाहता हूं। राष्ट्र पहले। पार्टी उसके बाद। खुद सबसे आखिर में।
इस कदम से कैबिनेट में फेरबदल की अटकलें और तेज हो गई हैं। मुरुगन से पहले, केंद्रीय मंत्री जॉर्ज कुरियन और रवनीत सिंह बिट्टू ने भी क्रमशः जून और जुलाई में कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया था। एल. मुरुगन बीजेपी की तमिलनाडु यूनिट के पूर्व अध्यक्ष हैं और उन्हें मध्य प्रदेश से राज्यसभा (अपर हाउस) के लिए चुना गया था। वे अरुंथथियार समुदाय से आते हैं और उनका जन्म तमिलनाडु के नमक्कल में तेलुगु भाषी माता-पिता के घर हुआ था।
राज्यसभा में उनका कार्यकाल 2030 में खत्म होने वाला था, लेकिन उन्होंने मंगलवार को पीएम मोदी से उन्हें इस पद से मुक्त करने का अनुरोध किया। उन्हें 2020 में बीजेपी का तमिलनाडु प्रमुख बनाया गया था और जुलाई 2021 में कैबिनेट में फेरबदल के दौरान वे पीएम मोदी की कैबिनेट में शामिल हुए। मुरुगन के बाद, के. अन्नामलाई को बीजेपी का तमिलनाडु प्रमुख नियुक्त किया गया। मुरुगन को छात्र राजनीति का भी अनुभव है; उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के लिए काम किया है।
मंगलवार को पीएम मोदी को लिखे पत्र में मुरुगन ने अपनी जड़ों को याद किया और बीजेपी के तहत केंद्रीय मंत्री बनाए जाने के लिए आभार जताया। उन्होंने लिखा kf मैं किसी राजनीतिक परिवार से नहीं आता। मैं एक बहुत गरीब परिवार से हूँ। मेरे माता-पिता, जो दिहाड़ी मजदूर और पशु चराने का काम करते थे, आज भी कोनूर गाँव में सादा जीवन बिता रहे हैं। उन्होंने कभी सोचा भी नहीं होगा कि उनका बेटा एक दिन केंद्र सरकार में सेवा करेगा।
उन्होंने कहा कि भारत, तमिलनाडु और बीजेपी के प्रति प्रधानमंत्री के समर्पण से उन्हें प्रेरणा मिली है। उन्हें लगता है कि अब उन्हें भी उस काम के लिए खुद को और ज़्यादा समर्पित करना चाहिए, जिसकी वजह से वे पहली बार सार्वजनिक जीवन में आए थे। उन्होंने चेन्नई मेट्रो, तूतीकोरिन पोर्ट के विस्तार और तमिलनाडु में हाईवे के लिए सरकार से मिले सहयोग को भी याद किया। उन्होंने लिखा कि पार्टी ने मुझे कई बार विधानसभा और लोकसभा चुनाव लड़ने का मौका भी दिया। मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे देश और पार्टी की सेवा करने के इतने सारे अवसर मिलेंगे।
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