जंगली बादाम क्या होता है, इसे खाने से कौन से फायदे मिलते हैं, कैसे इस्तेमाल करें

Posted On:- 2026-09-20




बादाम पूरी सेहत के लिए फायदेमंद होता है। लोग बादाम को भिगोकर, किसी मिठाई में मिलाकर या किसी दूसरी रेसिपी में इस्तेमाल करते हुए खाते हैं। ये बादाम नॉर्मल बादाम होता है लेकिन क्या आप जानते हैं एक जंगली बादाम भी होता है जो समुद्र तटीय इलाकों में ऊंचाई पर पाया जाता है। जंगली बादाम का फल थोड़ा चपटा, नुकीला और अण्डाकार होता है। इसके किनारे लाल और बैगनी होते हैं और हर फल में एक बीज होता है। सीजन पर इसमें फल और फूल उगते हैं।

आचार्य बाल कृष्ण के मुताबिक जंगली बादाम का इस्तेमाल कई दवाओं और आयुर्वेदिक उपचार में किया जाता है। जंगली बादाम अम्ल, मधुर, कषाय, शीत और पित्तशामक होता है। इसकी छाल, पत्ते और कच्चे फल का भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे डायबिटीज में काफी फायदेमंद माना जाता है। आइये जानते हैं जंगली बादाम खाने से क्या फायदे मिलते हैं?

जंगली बादाम के फायदे

सिर दर्द में राहत- जंगली बादाम खाने से सिरदर्द कम होता है। विशेषज्ञों की मानें तो जंगली बादाम की पत्तियों का रस निकालकर नाक में 1-2 बूंद डालने या इस रस को पीने से सिरदर्द में काफी आराम मिलता है। कुछ लोग बादाम की गिरी को सरसों के तेल के साथ पीसकर सिर पर लगाते हैं। इससे सिर का दर्द दूर होता है।

दस्त रोकने में मदद- दस्त से परेशान रहते हैं और समझ नहीं आ रहा कि जल्दी राहत कैसे पाएं तो आप जंगली बादाम का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस बादाम की पत्ती और छाल में टैनिन होता है जो दस्त को रोकने का काम करता है। अगर सिर्फ पेट दर्द है तो जंगली बादाम की पत्तों का रस निकालकर इसमें काला नमक मिलाकर 5 एमएल पी लें।

गठिया में आराम- उम्र बढ़ने के साथ लोगों को जोड़ों में दर्द की समस्या होने लगती है। गठिया से परेशान लोगों के लिए जंगली बादाम की पत्तियां काम की हैं। पत्तों को पीसकर जोड़ों पर लगा लें। इसका नियमित रूप से इस्तेमाल करने से गठिया के दर्द से आराम मिलता है।

बुखार में राहत- अगर बुखार के लिए घरेलू उपाय इस्तेमाल करना चाहते हैं तो जंगली बादाम की तने की छाल का काढ़ा बनाकर पी लें। इससे बुखार में काफी आराम मिलता है। हालांकि आपको इसकी खुराक से जुड़ी जानकारी के लिए किसी नजदीकी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लेनी चाहिए।

जंगली बादाम का इस्तेमाल कैसे करें?

आयुर्वेद के अनुसार जंगली बादाम के पेड़ की छाल, पत्तियों, बीज और फल सभी का इस्तेमाल अलग-अलग तरीकों से किया जाता है। अगर आपको इसे किसी बीमारी के लिए उपयोग करना है तो किसी आयुर्वेदिक चिकित्सक से सलाह लें और उसके बाद ही इस्तेमाल करें।



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