नई दिल्ली(वीएनएस)।बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने झारखंड में छात्र विरोध प्रदर्शनों के समर्थन को लेकर राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला, उन्हें 'जिन्ना का पुनर्जन्म' बताया और आरोप लगाया कि कांग्रेस जॉर्ज सोरोस के एजेंडे पर काम कर रही है। दुबे ने मांग की कि यदि कांग्रेस छात्रों के साथ खड़ी है तो उसे झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस लेना चाहिए, अन्यथा यह हेमंत सोरेन सरकार को बचाने का प्रयास माना जाएगा।
झारखंड में चल रहे छात्रों के विरोध प्रदर्शन को लेकर कांग्रेस सांसद पर निशाना साधते हुए, बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने बुधवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला किया और उन्हें पाकिस्तान के संस्थापक मुहम्मद अली जिन्ना से भी बुरा नेता बताया। बीजेपी सांसद ने आगे कहा कि अगर कांग्रेस विरोध कर रहे छात्रों के साथ खड़ी है, तो उसे झारखंड सरकार से अपना समर्थन वापस ले लेना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा न करने पर ऐसा लगेगा कि पार्टी जॉर्ज सोरोस के एजेंडे पर काम कर रही है।
X पर उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जी के रूप में जिन्ना का दूसरा जन्म हुआ है। इस टिप्पणी के साथ, BJP सांसद ने झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को लेकर राहुल गांधी पर अपना हमला तेज़ कर दिया और कांग्रेस नेता की तुलना जिन्ना से करने की बात दोहराई। झारखंड में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर BJP सांसद दुबे ने कहा कि वे CBI जांच क्यों नहीं चाहते? मुख्य आरोपी धर्मेंद्र को झारखंड सरकार के एक बड़े अधिकारी के घर से पकड़ा गया था। उन्हें पता है कि अगर जांच हुई, तो उसमें हेमंत सोरेन का नाम भी आएगा। यही वजह है कि यह सब हो रहा है। उन्हें (कांग्रेस को) झारखंड सरकार से समर्थन वापस ले लेना चाहिए और यह दिखाना चाहिए कि वे छात्रों के हित में खड़े हैं। वरना, ऐसा लगेगा कि वे सोरोस के एजेंडे पर काम कर रहे हैं; जहाँ भी PM के ख़िलाफ़ विरोध-प्रदर्शन होता है, वहाँ राहुल गांधी नज़र आते हैं। वे जिन्ना से भी बुरे नेता हैं।
राहुल पर वार करते हुए उन्होंने कहा कि अगर वो अमीर पार्टी के नेता हैं मल्लिकार्जुन खरगे तो उनको झारखंड का पिछड़ापन, गरीबी और भ्रष्टाचार नहीं दिखाई देता है। उनको तो डूब मरना चाहिए। मल्लिकार्जुन खरगे और राहुल गांधी के डूब मरने जैसी स्थिति है कि जिस तरह से झारखंड के बच्चे सड़कों पर हैं और वहां के अधिकारी जिस तरह से व्यवहार कर रहे हैं। इतना निरंकुश तानाशाह तो मैंने कभी देखा ही नहीं। धर्मेंद्र जो मुख्य आरोपी है वो वहां के सबसे शीर्स्थ पदाधिकारी के घर से पकड़ा गया। ये CBI जांच क्यों नहीं देना चाहते हैं क्योंकि धर्मेंद्र वहां के शीर्स्थ अधिकारी के घर से पकड़ा गया है, उनका कंप्यूटर ऑपरेटर है। उनको पता है कि अगर जांच बढ़ेगी तो यह मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से लेकर वहां के मुख्य सचिव तक जाएगी... जहां-जहां मोदी विरोध है, जहां देश का विरोध है, जहां-जहां सांप्रदायिक तनाव है, वहां-वहां राहुल गांधी और उनकी पार्टी नजर आएगी।
इस बीच, झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों को लेकर JPSC प्रदर्शनकारियों का विरोध-प्रदर्शन बुधवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गया। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगें पूरी होने तक विरोध को और तेज़ करने का संकल्प लिया और भर्ती प्रक्रिया में सुधार के संबंध में हेमंत सोरेन सरकार के आश्वासन के बावजूद अपनी हड़ताल वापस लेने से इनकार कर दिया। गौरतलब है कि छात्र झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में अधिक पारदर्शिता, कई परीक्षाओं को रद्द करने और CBI या राज्य के बाहर के सेवानिवृत्त उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के पैनल द्वारा स्वतंत्र जांच की मांग कर रहे हैं।
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