सावन भगवान शिव का महीना माना जाता है। इस महीने में व्रत, उपवास करने की धार्मिक मान्यताएं हैं। सावन के महीने में लोग सोमवार का व्रत करते हैं और कुछ लोग पूरे महीने के लिए उपवास का नियम मानते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं आयुर्वेद में भी सावन में व्रत करने का खास महत्व है। इस महीने में उपवास करने से शरीर डिटॉक्स होता है और कमजोर हो रही पाचन शक्ति मजबूत बनती है। मानसून के इस महीने में कई चीजों को खाने से भी मना किया जाता है। आइये आयुर्वेदिक डॉक्टर चंचल शर्मा (आशा आयुर्वेद क्लीनिक) से जानते हैं सावन का व्रत करने के क्या फायदे हैं?
आयुर्वेद में व्रत करने के फायदे
शरीर की शुद्धि- सावन का व्रत रखने से शरीर को अच्छी तरह से डिटॉक्स करने में मदद मिलती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि व्रत के दौरान लोग ज्यादा तरल पदार्थ लेते हैं, जिससे शरीर को डिटॉक्स करने में सहायता मिलती है।
वजन कम- जब आप लंबे अंतराल तक भूखे रहते हैं। जिसमें करीब 18 घंटे की फास्टिंग करते हैं तो इससे स्वाभाविक रूप से और जल्दी वजन कम होता है।
मजबूत पाचन- सावन के महीने में नमी के कारण पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है। 18 घंटे का उपवास सुस्त पाचन को बेहतर बनाता है और शरीर की भोजन पचाने की क्षमता को बढ़ाता है।
दोषों का संतुलन- सावन के महीने में व्रत करने से खासतौर से आपके कफ और पित्त दोषों को शांत करने में मदद मिलती है, जिससे शरीर में भारीपन और सुस्ती कम होती है।
ऊर्जा और स्पष्टता- लंबे समय का व्रत रखने के कारण पाचन तंत्र को काम नहीं करना पड़ता तब शरीर की ऊर्जा मानसिक एकाग्रता और शुद्धि की ओर लगती है।
आयुर्वेदिक ग्रंथों में सेहत के लिए उपवास के महत्व पर जोर दिया गया है। चरक संहिता का एक प्रासंगिक श्लोक 24 घंटे में सिर्फ एक बार खाने के फायदे पर जोर देता है। जिसमें कहा गया है "एकादश वृक्षाणि भोजनं सुखं प्रजायते " यानि दिन में एक बार खाने से खुशी और सेहत बनी रहती हैं।
आयुर्वेद के अनुसार व्रत के फायदे
त्वचा में निखार- व्रत को रखने से आपकी सेहत और त्वचा दोनों पर सकारात्मक असर पड़ता है, जब आप पूरे 1 महीने तक ज्यादा तेल और तला हुआ नहीं खाते हैं। लिक्विड डाइट लेते हैं तो इससे शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलते हैं और मुंहासे, दाने जैसी समस्याएं कम होती हैं।
डायबिटीज कंट्रोल- व्रत रखने से डायबिटीज को कंट्रोल में रखने में मदद मिलती है। सावन का व्रत रखने से ब्लड शुगर लेवल को मैनेज करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, जिन लोगों का ब्लड शुगर कंट्रोल में नहीं है, उन्हें डॉक्टर की सलाह के बाद ही सावन का व्रत रखना चाहिए।
दिल मजबूत- जानकारों के मुताबिक, व्रत रखने का दिल पर अच्छा असर पड़ता है। अगर आप इस साल सावन के महीने में व्रत रखते हैं, तो आपके शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का लेवल कम हो जाएगा। इससे ब्लड प्रेशर को कंट्रोल में रखने और दिल की सेहत को बनाए रखने में मदद मिलती है।
मन की शांति- जब शरीर को हल्का महसूस होता है, तो मन भी साफ और शांत लगता है। आयुर्वेद के अनुसार, उपवास करने से मन में स्थिरता आती है और मानसिक तनाव कम होता है। इससे ध्यान लगाने और मेडिटेशन का अभ्यास करने में आसानी होती है।
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