दुर्ग (वीएनएस)। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने आज PARAS पोर्टल (प्रोजेक्ट असेसमेंट, रिव्यू एवं एनालिसिस सिस्टम) के अंतर्गत विभिन्न योजनाओं एवं परियोजनाओं की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से विस्तृत समीक्षा की। बैठक में प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर शामिल हुए। दुर्ग जिले से कलेक्टर अभिजीत सिंह एनआईसी कक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।
बैठक में मुख्यमंत्री ने सीएम हेल्पलाइन 1076 की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टरों को प्राप्त शिकायतों का प्राथमिकता एवं समयबद्ध तरीके से संतोषजनक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सीएम हेल्पलाइन का उद्देश्य आम नागरिकों को विभागों के चक्कर लगाए बिना उनकी समस्याओं का त्वरित समाधान उपलब्ध कराना है, जिससे समय और धन दोनों की बचत हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सेवा सेतु पोर्टल के माध्यम से 721 अधिसूचित सेवाएं प्लेटफार्म के माध्यम से प्रदान किया जा रहा है। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन सेवाओं को अभी तक ऑनलाइन नहीं लाया गया है, उन्हें भी शीघ्र सेवा सेतु से जोड़ा जाए। उन्होंने कहा कि ग्राम पंचायतों, कॉमन सर्विस सेंटर तथा अटल सेवा केंद्रों के माध्यम से सेवा सेतु का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए ताकि अधिकाधिक नागरिक घर के निकट ही ऑनलाइन सेवाओं का लाभ प्राप्त कर सकें।
मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि सीमांकन संबंधी प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समय-सीमा के भीतर अनिवार्य रूप से निराकरण किया जाए। उन्होंने सभी कलेक्टरों को नियमित समीक्षा कर ऐसे मामलों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करें तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर आवश्यक कार्रवाई करें।
मुख्यमंत्री साय ने एग्रीस्टैक पोर्टल पर किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा लंबित बकेट क्लेम प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए। साथ ही 30 सितम्बर 2026 तक सभी गांवों में डिजिटल फसल सर्वेक्षण का कार्य शत-प्रतिशत पूरा करने पर जोर दिया। बैठक में वीबी-जी राम योजना की भी समीक्षा की गई। मुख्यमंत्री ने प्रत्येक ग्राम पंचायत में योजना के तहत कम से कम एक कार्य स्वीकृत करने के निर्देश देते हुए कहा कि पंजीकृत श्रमिकों को मांग के अनुरूप समय पर रोजगार उपलब्ध कराया जाए। योजनाओं के बेहतर समन्वय एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए संबंधित विभागों को आवश्यकता अनुसार नोडल अधिकारी नियुक्त करने के भी निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान मुख्यमंत्री ने पाठ्यपुस्तक, गणवेश, सरस्वती साइकिल वितरण तथा पीएम पोषण योजना की प्रगति की जानकारी ली। पीएम पोषण का मुख्य उद्देश्य शासकीय एवं अनुदान प्राप्त शालाओं में अध्ययनरत बच्चों को पौष्टिक, सुरक्षित एवं ताजा पका हुआ भोजन उपलब्ध कराना है। उन्होंने शालाओं में प्राथमिकता के साथ किचन गार्डन विकसित करने के निर्देश दिए। विद्यालय परिसर में कटहल एवं मुंगा के पौधे लगाने पर विशेष जोर देते हुए कहा कि मूंगा अत्यंत पौष्टिक है और बच्चों के पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पारस पोर्टल शासन की योजनाओं की प्रभावी निगरानी, पारदर्शिता और जवाबदेही को नई मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने कहा की कि अब प्रत्येक माह के अंतिम मंगलवार को पारस पोर्टल के माध्यम से राज्य स्तर पर सभी प्रमुख योजनाओं एवं जनसेवाओं की नियमित समीक्षा की जाएगी। इस दौरान अपर कलेक्टर योगिता देवांगन, अपर कलेक्टर सिल्ली थॉमस, डिप्टी कलेक्टर सोनल डेविड सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित थे।
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