ईरान-अमेरिका संघर्ष के वैश्विक संकट में पाकिस्तान का स्वार्थी रवैया

Posted On:- 2026-07-04




-विकल्प नंदा

2026 में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़े संघर्ष ने पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र में भू-राजनीतिक अस्थिरता पैदा कर दी है। इस संकटपूर्ण दौर में, पाकिस्तान की स्थिति अत्यंत जटिल हो गई है। भौगोलिक निकटता और रणनीतिक विवशताओं के कारण, पाकिस्तान इस संघर्ष में एक अनपेक्षित 'समस्या' के रूप में उभरकर सामने आया है।

पाकिस्तान की ईरान के साथ लंबी सीमा है। सुरक्षा विश्लेषकों का मानना है कि संघर्ष के व्यापक होने से बलूचिस्तान प्रांत में अशांति का खतरा बढ़ गया है, जिससे पाकिस्तान के लिए अपनी सीमाओं की सुरक्षा करना एक बड़ी चुनौती बन गई है। यह स्थिति क्षेत्र में सुरक्षा जोखिमों को और अधिक गहरा करती है।

पाकिस्तान के सामने सबसे बड़ी दुविधा 'संतुलन' की है। एक तरफ, पाकिस्तान के ईरान के साथ सांस्कृतिक और ऊर्जा-संबंधी गहरे संबंध हैं। पाकिस्तान अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए ईरान पर निर्भर रहने का इच्छुक रहा है। दूसरी तरफ, अमेरिका के साथ उसके सुरक्षा और वित्तीय संबंध हैं, जिस पर पाकिस्तान की डगमगाती अर्थव्यवस्था काफी हद तक टिकी है। अमेरिकी नीति निर्माताओं ने पाकिस्तान पर स्पष्ट दबाव बनाया है कि वह ईरान के साथ किसी भी प्रकार के सैन्य सहयोग से पूरी तरह दूर रहे।

आर्थिक प्रतिबंधों के कारण पाकिस्तान के लिए ईरान के साथ किसी भी प्रकार का लेन-देन 'खतरे का खेल' बन गया है। यदि पाकिस्तान ईरान के साथ व्यापारिक परियोजनाओं को आगे बढ़ाता है, तो उस पर अमेरिकी प्रतिबंधों की तलवार लटक सकती है। इसके विपरीत, ईरान से दूरी बनाने पर क्षेत्र में पाकिस्तान की रणनीतिक प्रासंगिकता कम हो सकती है।

अंततः, पाकिस्तान का दृष्टिकोण ईरान को अलग-थलग होने से बचाने और अमेरिका के साथ संबंधों को बनाए रखने के बीच झूल रहा है। यह संघर्ष पाकिस्तान के लिए केवल एक पड़ोसी का संकट नहीं है, बल्कि उसके घरेलू स्थायित्व और भविष्य की विदेश नीति की कठिन परीक्षा है। फिलहाल, पाकिस्तान का 'तटस्थ' रहने का प्रयास क्षेत्र में एक बड़ी पहेली बना हुआ है।



Related News
thumb

चीन और ईरान के बीच सैन्य संबंध

चीन और ईरान के बीच सैन्य और रणनीतिक संबंध हाल के वर्षों में अंतरराष्ट्रीय भू-राजनीति के केंद्र में रहे हैं। 2026 में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच ...


thumb

इस्लाम धर्म अपनाने वालों को नहीं मिलेगा आरक्षण

उच्च न्यायालय मद्रास ने तमिलनाडू सरकार के उस अहम् आदेष को रदद् कर दिया, जिसके तहत हिंदू धर्म के पिछड़े, अति पिछड़े या अनुसूचित जाति वर्ग के लोग इस्ल...


thumb

डॉक्टर्स डे 1 जुलाई ...

एक मनुष्य का जीवन तभी सार्थक माना जा सकता है जब वह समाज को ऐसा कुछ वापस करने की क्षमता रखता हो , जिसकी उम्मीद धूमिल हो चुकी हो ! ऐसा कोई मनुष्य मुझ...


thumb

मणिपुर में उग्रवाद के अंत के लिए आर पार की जंग

मणिपुर में उग्रवाद का वर्तमान स्वरूप जातीय संघर्श और क्षेत्रीय विभाजन में बदल चुका है। हालांकि बड़े पैमाने पर दंगे रुके हैं, लेकिन राज्य में मैतेई औ...


thumb

बात बेबाक: ऑपरेशन दिल्ली दरबार; कुर्सी बचाओ, कद बढ़ाओ

छत्तीसगढ़ की भगवा राजनीति में इन दिनों सरकार हुजुरे आलिया से ज्यादा एक रियलिटी शो लग रही है, जिसका नाम रखा जा सकता है—