सुकमा (वीएनएस)। बस्तर के जिलों में प्रत्येक गाँव और प्रत्येक पात्र परिवारों तक शासकीय योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पहुंचाना सुनिश्चित करें। साथ ही बस्तर मुन्ने अभियान को मिशन मोड़ में संचालित किया जाए और मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान का लाभ अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाएं। स्वास्थ्य जाँच हेतु दूरस्थ और संवेदनशील क्षेत्रों में स्वास्थ्य टीमों की नियमित पहुँच सुनिश्चित की जाए।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सुकमा जिले के कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में सोमवार को आयोजित समीक्षा बैठक को संबोधित करते हुए यह बात कही। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य केवल योजनाएं बनाना नहीं, बल्कि समाज के अंतिम व्यक्ति तक उनका वास्तविक लाभ पहुंचाना है और इसके लिए प्रशासन को अधिक सक्रिय, परिणामोन्मुखी तथा संवेदनशील बनना होगा।मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सुशासन तभी सार्थक होगा, जब आम नागरिक को अपनी समस्या के समाधान के लिए भटकना न पड़े। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे जनसेवा को सर्वाेच्च प्राथमिकता मानते हुए प्रत्येक शिकायत, आवेदन और जनसमस्या का गंभीरता से निराकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि जनता के प्रति संवेदनशीलता और जवाबदेही प्रशासनिक व्यवस्था की आत्मा है तथा जनसमस्याओं का समाधान केवल प्रशासनिक दायित्व नहीं, बल्कि नैतिक जिम्मेदारी भी है।
बैठक में बस्तर कमिश्नर के साथ सुकमा, दंतेवाड़ा और बीजापुर जिलों के कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों की उपस्थिति में विकास योजनाओं, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों, कानून-व्यवस्था तथा प्रशासनिक कार्यों की गहन समीक्षा की गई। इसके साथ ही संबंधित जिलों के अन्य अधिकारियों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े हुए थे। मुख्यमंत्री ने बस्तर मुन्ने के शिविरों में जनता के अधिकांश समस्याओं का निराकरण करवाएं, जरूरत के आधार पर निराकरण के लिए दो-तीन दिन लगातार शिविर लगाकर करें । उन्होंने जिलों के शिविर में मुख्य रूप से प्राप्त हो रही समस्याओं का भी संज्ञान लिया। उन्होंने मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान की गतिविधियों के माध्यम से नागरिकों को दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं की भी समीक्षा की । महिला स्व सहायता समूहों को वनोपज उत्पाद के साथ-साथ कृषि आधारित एक्टिविटी में ज़्यादा जोड़े विशेष कर झींगा पालन, बकरी पालन, मधुमक्खी पालन के लिए प्रोत्साहित किया जाएं। शबरी नदी के किनारे तालाब को विकसित कर झींगा पालन के लिए कार्य योजना बनाने की चर्चा की, महिला समूहों के उत्पादों को बस्तर ब्रांड के नाम से तैयार करवाने कहा गया ।
मुख्यमंत्री ने जिले में आयोजित सुशासन शिविरों की गतिविधि, लंबित राजस्व प्रकरणों की स्थिति, राजस्व रिकार्ड की समीक्षा, स्वामित्व योजना, वन अधिकार पट्टा, पुनर्वासित जनों को शासकीय योजनाओं का लाभ देने और अन्य राज्यों में बस्तर क्षेत्र के मूल निवासी को उनके गांव में पुनः स्थापित करने की योजना पर चर्चा किए । मुख्यमंत्री ने राजस्व विभाग के कार्यों को विशेष प्राथमिकता देते हुए समय-सीमा से बाहर तथा एक वर्ष से अधिक समय से लंबित प्रकरणों के त्वरित निराकरण के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और अभिलेख सुधार जैसे मामले सीधे नागरिकों के अधिकारों और जीवन से जुड़े होते हैं, इसलिए इनके निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। पर्यटन के क्षेत्र में पर्यटन स्थलों के विकास पर सुकमा, बीजापुर और दंतेवाड़ा में वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, जंगल सफारी जैसे गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए चर्चा कर कार्यवाही करने के निर्देश दिए। तीनों जिलों में आदिवासी व्यवसायी को धान से संबंधित मिलर्स को बढ़ावा देने के लिए आदिवासियों को प्रोत्साहित करें। तीनों जिलों में महिला एवं बाल विकास विभाग के रिक्त पदों की भर्ती के संबंध में चर्चा किए और अंदरूनी क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार आँगनबाड़ी केन्द्रों संचालन के समीक्षा किए। जल जीवन मिशन के तहत पेयजल व्यवस्था, दंतेवाड़ा में लाल पानी की समस्या पर भी चर्चा किया गया । इसके अलावा तीनों जिलों के मुख्य सड़क के विकासों पर चर्चा किए।
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री हेल्पलाइन को एक मजबूत, प्रभावी और भरोसेमंद मंच के रूप में विकसित कर रही है, जहां नागरिक सरलता से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकेंगे। हेल्पलाइन के माध्यम से प्राप्त शिकायतों की निगरानी उच्च स्तर पर की जाएगी, जिससे अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और शिकायतों का समयबद्ध निराकरण संभव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन प्रशासन और जनता के बीच दूरी कम करने का सशक्त माध्यम बनेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि शासन की योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक बिना किसी बाधा के पहुंचे।मुख्यमंत्री साय ने डीजल और पेट्रोल के विवेकपूर्ण उपयोग की आवश्यकता बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि राज्य में डीजल एवं पेट्रोल का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है तथा किसी प्रकार की कमी नहीं है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि ईंधन संकट संबंधी अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। तीनों जिलों के अधिकारियों ने प्रधानमंत्री उज्जवला योजना के क्रियान्वयन और क्षेत्र की आवश्यकता के अनुसार नियमों में बदलाव की जरूरत पर चर्चा किया। खनिज राजस्व की एवं जिला खनिज फाउंडेशन के कार्यों और योजनाओं के क्रियान्वयन पर समीक्षा की गई। खरीफ सीजन की तैयारियों की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने खाद एवं बीज की उपलब्धता, भंडारण और वितरण व्यवस्था की विस्तृत जानकारी ली तथा किसानों को समय पर पर्याप्त मात्रा में खाद-बीज उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। डीएपी उर्वरक की सीमित उपलब्धता को देखते हुए उन्होंने एसएसपी, यूरिया, नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैकल्पिक उर्वरकों के उपयोग के प्रति किसानों को जागरूक करने पर विशेष बल दिया।
बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, आयुष्मान भारत योजना के कार्ड व सेवाएं, जल जीवन मिशन, बिहान योजना, तेंदूपत्ता संग्रहण, जिलों में स्वास्थ्य सुविधाओं और चिकित्सकों व मानव संसाधन, ई ऑफिस संचालन, महतारी वंदन योजना, सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की प्रगति तथा धान उठाव की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई। आयुष्मान भारत योजना की समीक्षा के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि केवल कार्ड बनाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पात्र नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण उपचार और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं का वास्तविक लाभ भी मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री साय ने शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए ठोस प्रयासों की आवश्यकता पर बल देते हुए स्कूलों में सीखने के स्तर को बेहतर बनाने, नियमित मॉनिटरिंग और नवाचार आधारित शिक्षा पद्धतियों को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। जिस विषय शिक्षक की कमी है उसके लिए एआई तकनीक का उपयोग कर शिक्षा में नवाचार करें। बीजापुर जिले में शिक्षा मितान के माध्यम से शिक्षकों की कमी को पूरा करने के लिए सराहना की। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा, पुलिस व्यवस्था और देश में लागू तीन नए आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन की समीक्षा कर मुख्यमंत्री ने कहा कि कानून-व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने पर जोर दिया जाए साथ ही प्रशिक्षण की व्यवस्था किया जाए। इन क़ानूनों के लिए जनता में जागरूकता अभियान किया जाए और व्यापक प्रचार-प्रसार भी करवाएं। रोड सेफ्टी के प्रावधानों का पालन करवाएँ और नशा अभियान के लिए भी कार्यवाही करने के निर्देश दिए। बैठक में वन मंत्री केदार कश्यप, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री विशेष सचिव व आयुक्त जनसंपर्क रजत बंसल, कमिश्नर डोमन सिंह, सीसीएफ आलोक कुमार तिवारी, सुकमा कलेक्टर अमित कुमार, दंतेवाड़ा कलेक्टर देवेश ध्रुव, बीजापुर कलेक्टर विश्वजीत, पुलिस अधीक्षक, जिला पंचायत सीईओ एवं वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सभी विभागों से बेहतर समन्वय, स्पष्ट लक्ष्य निर्धारण और जवाबदेह कार्यसंस्कृति के साथ कार्य करने का आह्वान करते हुए कहा कि अधिकारियों के समर्पित एवं समन्वित प्रयासों से छत्तीसगढ़ को देश के अग्रणी और विकसित राज्यों की श्रेणी में स्थापित किया जा सकता है।
अपर कलेक्टर प्रदीप कुमार साहू ने आज जिला कार्यालय में आयोजित जनदर्शन में आम नागरिकों से सीधे रूबरू होकर उनकी समस्याएँ एवं मांगों की जानकारी ली। उन्...
जिले के ग्राम इचकेला में 28 मई से 1 जून 2026 तक आयोजित वुमेन टी-20 क्रिकेट चैंपियनशिप 2026 का रोमांचक समापन हुआ। महिला क्रिकेट को प्रोत्साहित करने...
खरीफ सीजन को ध्यान में रखते हुए जिले के किसानों को समय पर गुणवत्तायुक्त खाद एवं बीज उपलब्ध कराने के लिए कृषि विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई ह...
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के गृह निवास बगिया स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय आम लोगों की समस्याओं के त्वरित समाधान का प्रभावी केंद्र बनकर उभर रहा ह...
जशपुर जिले में 01 जून से अब तक 3.3 मिमी औसत वर्षा हो चुकी है। जिले में बीते 10 वर्षों की तुलना में 02 जून तक औसत वर्षा 4.3 मिमी होती है। बीते दिवस ...
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व जशपुर जिले में सुशासन तिहार का बेहतर क्रियान्वयन किया जा रहा है। इसी कड़ी में देवचरण ग्राम रायकोना निवासी को ज...