तेहरान।ईरानी मीडिया के हवाले से दी गई खबर में कहा गया है कि दक्षिण पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र में स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इजराइल के रक्षा मंत्री ने भी ईरान के असलुयेह में साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला करने की पुष्टि की है।
अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच छिड़ी जंग अब सीमाओं को तोड़कर पूरे क्षेत्र को निगलने पर आमादा दिख रही है। ताजा घटनाक्रम ने इस संघर्ष को और खतरनाक मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां हर बयान धमकी है और हर हमला युद्ध की नई परत खोल रहा है। हम आपको बता दें कि सबसे बड़ा झटका तब लगा जब इजराइल और अमेरिका के संयुक्त हमले में ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड की खुफिया इकाई के प्रमुख मेजर जनरल मजीद खादेमी मारे गए। ईरान ने इसे खुला आतंकी हमला बताया है, जबकि इजराइल ने बिना किसी लाग लपेट के साफ कहा कि वह आतंक के सरगनाओं को एक एक कर खत्म करेगा। इजराइली रक्षा मंत्री ने यहां तक कह दिया कि ईरान के नेता अब खुद को निशाने पर समझें क्योंकि शिकार शुरू हो चुका है।
यह बयान सिर्फ बयान नहीं, बल्कि आने वाले और बड़े हमलों का संकेत है। इसी बीच लेबनान की राजधानी बेरूत के दक्षिणी इलाके में इजराइल ने जोरदार हमला किया। यह इलाका हिजबुल्लाह का गढ़ माना जाता है और पहले ही कई बार तबाह हो चुका है। धुएं के गुबार और खाली पड़े मकान इस बात के गवाह हैं कि युद्ध अब शहरों के दिल तक पहुंच चुका है।
इस बीच, ईरानी मीडिया के हवाले से दी गई खबर में कहा गया है कि दक्षिण पार्स प्राकृतिक गैस क्षेत्र में स्थित सुविधाओं को निशाना बनाया गया। इजराइल के रक्षा मंत्री ने भी ईरान के असलुयेह में साउथ पार्स पेट्रोकेमिकल संयंत्र पर हमला करने की पुष्टि की है।उधर, ईरान भी चुप नहीं बैठा। उप विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने साफ चेतावनी दी कि अगर अमेरिका या इजराइल ने किसी भी तरह की आक्रामकता दिखाई तो उसका जवाब ऐसा होगा जिसे दुनिया याद रखेगी। उन्होंने अमेरिकी धमकियों को युद्ध अपराध तक करार दिया और कहा कि बिजली संयंत्रों और पुलों पर हमला करना अंतरराष्ट्रीय कानून का खुला उल्लंघन है।
इस बीच, तनाव की आग खाड़ी देशों तक फैल चुकी है। कुवैत में ईरानी हमले के बाद एक रिहायशी इलाके में मिसाइलों के मलबे गिरे, जिसमें छह लोग घायल हो गए। कुवैत की वायु रक्षा प्रणाली लगातार सक्रिय है, लेकिन यह साफ हो चुका है कि यह जंग अब किसी एक देश तक सीमित नहीं रही।सबसे खतरनाक मोर्चा है होर्मुज जलडमरूमध्य। यह वही रास्ता है जहां से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुजरता है। यहां ईरान समर्थित इराकी गुट कताइब हिजबुल्लाह ने धमकी दी है कि अगर इसे जबरन खोलने की कोशिश की गई तो तेल और गैस के हर ठिकाने को राख बना दिया जाएगा। यह चेतावनी वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए सीधे खतरे की घंटी है।
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि ईरान की सैन्य ताकत अब काफी कमजोर हो चुकी है और बातचीत में उसके पास अब कोई मजबूत विकल्प नहीं बचा है।
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अधिकारियों के हवाले से एनवाईटी ने कहा कि ईरान ने बारूदी सुरंगें 'अव्यवस्थित' तरीके से बिछाईं और यह स्पष्ट नहीं है कि उसने उनके स्थान का रिकॉर्ड रखा...