मास्को।रूस के रक्षा मंत्रालय ने ऐलान किया है कि उसकी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क क्षेत्र पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया है। यह वही इलाका है जिस पर 2022 में हमले की शुरुआत के बाद से रूस की नजर थी लेकिन वह इसे हासिल नहीं कर पाया था।
एक ओर दुनिया की नजरें ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच भड़कते टकराव पर टिकी हैं, तो दूसरी ओर यूरोप की धरती पर रूस और यूक्रेन का युद्ध लगातार लंबा और खतरनाक होता जा रहा है। वैश्विक राजनीति के इस दोहरे विस्फोट ने हालात को ऐसा मोड़ दे दिया है जहां हर दिन नए दावे, नए हमले और नई धमकियां सामने आ रही हैं। इस बीच रूस ने एक बड़ा दावा ठोककर पूरे समीकरण को हिला दिया है।
रूस के रक्षा मंत्रालय ने ऐलान किया है कि उसकी सेना ने पूर्वी यूक्रेन के लुहांस्क क्षेत्र पर पूरी तरह कब्जा जमा लिया है। यह वही इलाका है जिस पर 2022 में हमले की शुरुआत के बाद से रूस की नजर थी लेकिन वह इसे हासिल नहीं कर पाया था। अब मॉस्को का कहना है कि उसके पश्चिमी सैन्य समूह की इकाइयों ने लुहांस्क को पूरी तरह मुक्त करा लिया है। हालांकि यूक्रेन ने इस दावे की तुरंत पुष्टि नहीं की है, जिससे जमीन पर वास्तविक स्थिति को लेकर संदेह बना हुआ है।
रूस ने सिर्फ लुहांस्क ही नहीं बल्कि खारकीव क्षेत्र के एक गांव और जापोरिजिया इलाके के एक अन्य गांव पर भी कब्जे का दावा किया है। लुहांस्क और दोनेत्स्क मिलकर डोनबास क्षेत्र बनाते हैं, जो इस युद्ध का सबसे बड़ा रणक्षेत्र है। पहले ही लुहांस्क का निन्यानबे प्रतिशत हिस्सा रूस के कब्जे में था और अब वह इसे पूरी तरह अपना बताने की कोशिश कर रहा है।
इसी के साथ क्रेमलिन ने यूक्रेन पर दबाव और तेज कर दिया है। रूस के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने साफ कहा कि यूक्रेन को डोनबास से अपनी सेना तुरंत हटा लेनी चाहिए। उनका कहना है कि यह फैसला पहले ही ले लिया जाना चाहिए था ताकि युद्ध का गर्म दौर खत्म हो सके। लेकिन यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है।
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