ट्रंप ने भारत समेत कई देशों के साथ नए ट्रेड फ्रेमवर्क की घोषणा की

Posted On:- 2026-03-03




वॉशिंगटन (वीएनएस)। व्हाइट हाउस ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का 2026 का व्यापार नीति एजेंडा पेश क‍िया, जिसमें कहा गया, “अमेरिका वापस आ गया है।” एजेंडे में टैरिफ को और गहरा करने, व्यापार कानूनों को सख्ती से लागू करने तथा प्रमुख समझौतों पर फिर से बातचीत करने का वादा क‍िया गया। 2026 के एजेंडे में कहा गया है कि संयुक्त राज्य अमेरिका में इस समय मानव इतिहास का सबसे बड़ा व्यापार घाटा चल रहा है।

हाइपर-ग्लोबलाइजेशन के दौर में 50 लाख मैन्युफैक्चरिंग नौकरियां विदेश चली गईं और 70 हजार से अधिक कारखाने बंद हो गए। इसमें कहा गया है कि वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार घाटा 2020 से बाइडेन प्रशासन के अंत तक 40 प्रतिशत बढ़ गया। व्यापार को आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा का केंद्र बताते हुए एजेंडे में कहा गया क‍ि संयुक्त राज्य को उसी का अधिक उत्पादन करना चाहिए जिसका वह उपभोग करता है। कहा गया क‍ि “मैन्युफैक्चरिंग, कृषि और उनसे संबंधित सेवाओं में उत्पादन से अधिक वेतन, अधिक नवाचार और अधिक राष्ट्रीय सुरक्षा मिलती है।

प्रशासन ने अपने टैरिफ-आधारित दृष्टिकोण को शुरुआती सफलता का श्रेय दिया है। उसके अनुसार, अप्रैल 2025 से दिसंबर तक हर महीने वस्तुओं का व्यापार घाटा साल-दर-साल घटा है। चीन के साथ व्यापार घाटा 2025 में 32 प्रतिशत कम हुआ और वर्ष 2000 के बाद पहली बार चीन वह व्यापारिक साझेदार नहीं रहा, जिसके साथ अमेरिका का सबसे बड़ा व्यापार घाटा है। निर्यात में भी तेज वृद्धि दर्ज की गई।

एग्रीमेंट ऑन रेसिप्रोकल ट्रेड (एआरटी) कार्यक्रम शुरू होने के बाद वस्तुओं और सेवाओं का निर्यात 199.8 अरब डॉलर (6.2 प्रतिशत) बढ़कर रिकॉर्ड 3.4 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गया। 2025 में पूंजीगत वस्तुओं के निर्यात में 9.9 प्रतिशत की वृद्धि हुई। एजेंडे में कहा गया है, “यह सिर्फ बयानबाजी नहीं है, आंकड़े कहानी बताते हैं। अमेरिका वापस आ गया है। 2026 के लिए प्रशासन ने छह प्राथमिकताएं तय की हैं।

एग्रीमेंट ऑन रेसिप्रोकल ट्रेड (एआरटी) कार्यक्रम जारी रखना, व्यापार कानूनों का प्रवर्तन, महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को सुरक्षित करना, अमेरिका–मेक्सिको–कनाडा समझौते की समीक्षा, चीन के साथ व्यापार प्रबंधन और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर अमेरिकी हितों को बढ़ावा देना।

एग्रीमेंट ऑन रेसिप्रोकल ट्रेड (एआरटी) कार्यक्रम के तहत अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (यूएसटीआर) ने अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, इंडोनेशिया, मलेशिया और ताइवान के साथ समझौते किए हैं। भारत, जापान, दक्षिण कोरिया और यूरोपीय संघ सहित अन्य साझेदारों के साथ ढांचा समझौतों की घोषणा की गई है। इन समझौतों के तहत साझेदार देशों को टैरिफ और गैर-टैरिफ बाधाएं कम करनी होंगी, जबकि अमेरिका “संशोधित टैरिफ” बनाए रखेगा।



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