असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की जन आशीर्वाद यात्रा को भारी जनसमर्थन मिला

Posted On:- 2026-03-02




गुवाहाटी(वीएनएस)।असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की गोहपुर में जन आशीर्वाद यात्रा को भारी जनसमर्थन मिला, जहाँ उन्होंने भूमि अधिकार और रोजगार जैसे कार्यों का श्रेय लेते हुए अवैध अतिक्रमण के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संदेश दिया। यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री ने अगले पांच वर्षों में अतिक्रमित भूमि वापस लेने और केवल स्वदेशी लोगों को पट्टे देने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने सोमवार को असम के गोहपुर क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी की जन आशीर्वाद यात्रा के तीसरे दिन लोगों का अभिवादन किया। आगामी विधानसभा चुनावों से पहले इस अभियान को जनता का भारी समर्थन मिल रहा है। गोहपुर में यात्रा के तीसरे दिन हजारों लोग मुख्यमंत्री के स्वागत के लिए एकत्रित हुए और पूरे मार्ग में पुष्प अर्पित करते हुए अपना समर्थन जताया। सोमवार को एक पोस्ट में, जिसमें उनका स्वागत करती भारी भीड़ का वीडियो भी शामिल था, मुख्यमंत्री सरमा ने लिखा कि मैं सांता क्लॉज़ नहीं हूँ, लेकिन मेरे भगीनों के लिए मेरे पास हमेशा उपहार होते हैं।

इससे पहले, रविवार को मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया के लिए आभार व्यक्त करते हुए, मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि लोग पिछले पांच वर्षों में भूमि अधिकार और रोजगार प्रदान करने के लिए खुले तौर पर उनका धन्यवाद कर रहे हैं। सरमा ने कहा कि मैं असम की जनता का बहुत-बहुत धन्यवाद करता हूँ। कल रात 12:30 बजे तक जुलूस चला और हर जगह लोग ही लोग थे। जनता ने हमें पूरा समर्थन दिया। मैंने कभी सोचा भी नहीं था कि लोग इतनी बड़ी संख्या में निकलेंगे। लोग पिछले पाँच वर्षों में हमारे द्वारा किए गए कार्यों को स्वीकार कर रहे हैं और मुझे उम्मीद है कि इस बार जनता हमें मजबूत जनादेश देगी।

उन्होंने आगे कहा कि कई लोग उनसे मिलते हैं और बताते हैं कि उन्हें नौकरी या जमीन मिल गई है, या अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए उन्हें धन्यवाद देते हैं। उन्होंने कहा कि हम यह कड़ा संदेश देना चाहते हैं कि हम सभी अवैध अतिक्रमणकारियों को बेदखल करेंगे। बहुत से लोग मुझसे मिलते हैं और बताते हैं कि उन्हें नौकरी या जमीन मिल गई है या अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए मुझे धन्यवाद देते हैं। जनता हमारा समर्थन कर रही है।

यात्रा के दौरान, मुख्यमंत्री ने अगले पाँच वर्षों में अतिक्रमित पाँच लाख बीघा भूमि को वापस लेने की सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भूमि पट्टे केवल स्वदेशी लोगों को ही दिए जाएंगे, जिससे असम की भूमि और पहचान की सुरक्षा के संबंध में एक स्पष्ट संदेश जाएगा।





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