जनजातीय गौरव समाज की माँग पूरी होने पर सीएम  का आभार जताया...
जनजातीय गौरव समाज की माँग पूरी होने पर सीएम का आभार जताया...
जनजातीय गौरव समाज की माँग पूरी होने पर सीएम  का आभार जताया...
जनजातीय गौरव समाज की माँग पूरी होने पर सीएम का आभार जताया…

रायपुर(वीएनएस)। प्रधानमंत्री की अगुवाई वाली केंद्र सरकार ने भारत में रहने वाले लगभग 11 करोड़ की आबादी वाले जनजातीयों की भावनाओं को सम्मान देते हुए धरती बिरसा मुंडा की जयंती 15 नवंबर को जनजाति समाज को समर्पित करते हुए `जनजातीय गौरव दिवस` के रूप में मनाने का निर्णय देने पर सरगुजा ने कलेक्टर ने ज्ञापन सौंपकर वनांचल जिला के समस्त जनजातियों की ओर से आभार व्यक्त किया। जनजाति गौरव समाज सरगुजा ने अपनी बहुप्रतीक्षित माँग पूरा होने पर केन्द्र सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए एवं सरगुजा के जनजाति समाज की ओर से आभार व्यक्त किया।

आभार ज्ञापन में समाज ने कहा कि देश स्वतंत्र हुए 75 साल हो गए, लेकिन भारत सरकार में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह पहली सरकार है, जिसने जनजातियों की भावनाओं, शक्तियों एवं वीरता को पहचाना। इस दिवस पर देश के सभी जनजाति समाज के लोग अपने इतिहास और शक्ति को याद करेंगे। भारत सरकार ने भारतीय इतिहास और संस्कृति में जनजातियों के विशेष स्थान और योगदान को यथोचित सम्मान देते हुए भगवान बिरसा मुंडा जी की जयंती को `जनजातीय गौरव दिवस` के रूप में घोषणा की है। महान स्वतंत्रता सेनानी भगवान बिरसा मुंडा ने समाज को संगठित करके `उलगुलान क्रांति` का बिगुल फूंका था, उन्होंनें अपने जीवन का सर्वोच्च बलिदान समाज की सनातन संस्कृति, धर्म और आजादी को बनाए रखने के लिए दिया, सैकड़ों जनजाति क्रांतिकारियों ने देश की आजादी में अपने जीवन बलिदान किए हैं। इस गौरवपूर्ण योगदान को स्वतंत्रता के 75 वर्ष प्रश्चात केंद्र सरकार ने सम्मान दिया है। यह दिवस जनजाति संस्कृति, इतिहास और क्रांतिकारियों का सम्मान है। ज्ञापन में आगे कहा गया कि यह घोषणा जनजाति समाज के गौरवशाली अतीत और सांस्कृतिक विरासत को स्वीकृति प्रदान करती है। इस वर्ष से यह जनजातीय गौरव दिवस प्रतिवर्ष धूमधाम से मनाया जाएगा। यह दिवस जनजाति समाज के सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और शौर्य, राष्ट्रीय गौरव के मूल्यों को बढ़ावा देने के लिए जनजातियों के प्रयासों को मान्यता देगा। भारत सरकार ने वर्तमान में आजादी के 75 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर में `अमृत महोत्सव` मनाया जा रहा है। भारत सरकार ने यह निर्णय लिया गया था कि जनजातीय लोगों, संस्कृति और उपलब्धियों के गौरवशाली इतिहास का जश्न और इसका उत्सव `जनजातीय गौरव दिवस` 15 नवंबर से 22 नवंबर 2021 तक सप्ताह भर मनाया जाएगा, जिसमें समारोह के आयोजन की योजना बनाई गयी और देश के विभिन्न हिस्सों में आयोजन हुए।

ज्ञापन सौंपने वालों में जनजाति गौरव समाज सरगुजा के बिहारीलाल तिर्की, इन्दर भगत, अनामिका सिंह पैंकरा, अंकित कुमार तिर्की, सुमेश्वर सिंह, बसंती पैकरा, शारदा पैंकरा, रमेश पैंकरा, दारा सिंह टेकाम, संतोला सिंह, चंद्रमा सिंह पैंकरा, रघुवीर सिंह पैंकरा, प्रेम सिंह, रामबिहारी सिंह पैंकरा, राजा चांवर, रीना मुण्डा, कविता पनोरिया, शोमनाथ, शिवपाल आदि उपस्थित रहे।