भाजपा राजनीति प्रेरित बात कर रही 1 दिसंबर धान खरीदी की आदर्श तारीख : कांग्रेस
भाजपा राजनीति प्रेरित बात कर रही 1 दिसंबर धान खरीदी की आदर्श तारीख : कांग्रेस

कांग्रेस ने दिया भाजपा के प्रेस कांफ्रेंस का जवाब

रायपुर (वीएनएस)। भाजपा के धान खरीदी पर की गई प्रेस कांफ्रेंस पर कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा राजनीति प्रेरित और झूठी बात कर रही। मुख्यमंत्री ने घोषित धान खरीदी की तिथि 1 दिसंबर धान खरीदी की आदर्श तिथि है। पिछले वर्ष की भांति इस वर्ष देर से वर्षा हुई। धान की फसल अब पक रही है। अभी तक 95 प्रतिशत से अधिक धान खेतो में पड़ा है उसकी कटाई नहीं हुई है। कटाई के बाद खलिहानों में धान की मिसाई होगी, तब धान बिक्री के लिए किसान लाएंगे, इसलिए धान खरीदी की शुरुआत की आदर्श तारीख 1 दिसम्बर है। भारतीय जनता पार्टी का यह आरोप कम खरीदी करने की नीयत से तारीख बिलम्ब से घोषित कर रही झूठा और राजनीति से प्रेरित है। पिछले साल भी धान खरीदी 1 दिसम्बर से ही शुरू हुई थी और राज्य बनने के बाद कि सबसे ज्यादा रिकार्ड 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई थी। 15 सालों तक भाजपा ने कभी इतना धान नही खरीदा था। इस वर्ष भी सरकार ने एक करोड़ पांच लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा है जो भाजपा के पंद्रह सालों में की गई औसत 50 लाख मीट्रिक टन की दुगुना है। भाजपा समर्थन मूल्य बढ़ोतरी की बात तो कर रही मोदी से पूछ ले अड़ंगेबाजी तो नहीं करेंगे। जब राज्य सरकार 2500 देती है तो केंद्र से सेंट्रल पुल का चावल नहीं लेने की धमकी दी जाती है। कांग्रेस संचार विभाग के अध्यक्ष सुशील आनंद शुक्ला ने कहा कि भाजपा को किसानों की चिंता नहीं है, दरअसल छत्तीसगढ़ में भाजपा की राजनैतिक खेती सूख रही इसलिए वह धान खरीदी पर घड़ियाली आंसू बहा रही है। भाजपा इधर-उधर की बात करने के बजाय यह बताए कि वह केंद्र से छत्तीसगढ़ को बारदाना देने के बारे में कब बात करेगी? केंद्र ने सेंट्रल पुल के कोटे में छत्तीसगढ़ से उसना चावल नहीं लेने के बंदिश को हटाने कब भाजपा के 9 सांसद मोदी से बात करेंगे ? भाजपा धान खरीदी की आड़ लेकर आदिवासी नृत्य महोत्सव का भी विरोध कर रही है यह भाजपा के आदिवासी विरोधी चरित्र को दर्शाता है। पिछले चुनाव में भाजपा प्रदेश की अधिकांश आदिवासी बहुल विधानसभा सीटो को हार गई थी इसीलिये वह आदिवासियों की संस्कृति के संरक्षण और उसके प्रचार-प्रसार का विरोध करने पर उतर आई है।