सीईओ जिला पंचायत ने की निर्माण कार्यों की समीक्षा
सीईओ जिला पंचायत ने की निर्माण कार्यों की समीक्षा

समय पर कार्य पूरा न करने वाले पंचायतों को जारी करें नोटिस

लंबे समय से स्वीकृति के बाद भी अप्रारंभ रहने वाले कार्यों को किया जाए निरस्त

राजनांदगांव (वीएनएस)। जिला पंचायत मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश चंद्राकर ने जिला पंचायत सभाकक्ष में जनपद पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अनुविभागीय, विभागीय अधिकारी, ग्रामीण यांत्रिकी सेवा व कार्यक्रम अधिकारी मनरेगा तथा उप अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा के निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की।

जिला पंचायत सीईओ चंद्राकर ने विलंब निर्माण कार्य, गुणवत्ता और अप्रारंभ कार्यों के लिए अभियंताओं पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मुख्य कार्यपालन अधिकारी जनपद पंचायत को संबंधित कार्य एजेंसी को नियमानुसार कार्रवाई के लिए नोटिस देने निर्देशित किया। ऐसे पंचायत जो कार्यों स्वीकृत कराने के बाद प्रारंभ करने में रूचि नहीं ले रहे है और पूर्व से स्वीकृत कार्यों को लंबे समय तक पूर्ण न करने वाले की सूची तैयार कर आगामी योजना में कार्य प्रस्तावित करते समय सूची का ध्यान रखते हुए कार्य प्रेषित करने के निर्देश दिए गए। नरवा विकास के कार्यों में प्रस्तावित कार्यों को स्वीकृति के लिए 15 दिवस में प्रेषित करने व पूर्व स्वीकृत कार्यों को तत्काल प्रारंभ कराए जाने के लिए अनुविभागीय अधिकारी ग्रामीण यांत्रिकी सेवा को निर्देश दिए गए। मनरेगा अंतर्गत मजदूरी मूलक कार्यों को प्रारंभ कराते हुए जिले में अधिक से अधिक श्रमिकों को रोजगार उपलब्ध कराने कहा गया। मिट्टी मूलक कार्यों को तेजी से प्रारंभ कराने के साथ ही स्वच्छ भारत मिशन अंतर्गत स्वीकृत किए गए ठोस व तरल अपशिष्ट प्रबंधन इकाइयों को जल्द से जल्द प्रारंभ करते हुए दिसंबर माह तक पूर्ण करने का लक्ष्य दिया गया।

जिला खनिज मद प्राधिकरण मद, लोक शिक्षण मद, अधोसंरचना मद के कार्यों की प्रगति पर ध्यान देते हुए आगामी माह के 31 तारीख तक विशेष अभियान चलाकर पूर्ण करने के लिए निर्देश दिए। मुख्य कार्यपालन अधिकारी लोकेश चंद्राकर ने सभी अभियंताओं को कार्य की समय सीमा व गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने कहा। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास की रफ्तार अभियंताओं के हाथों में होती है। अत: इसे सही दिशा में और सही गति के साथ आगे बढ़ाएं। कार्यों में लापरवाही करने पर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से अद्यतन पूर्णता पर आ चुके कार्यों को जल्द से जल्द मूल्यांकन, सत्यापन कर भुगतान के लिए प्रकरण तैयार किए जाए। जिससे कि भुगतान में विलंब की स्थिति निर्मित न हो। बैठक में निर्माण शाखा के प्रभारी विजय साहू, कार्यपालन अभियंता ग्रामीण यांत्रिकी सेवा सुधांशु घोष एवं जनपद पंचायतों के अधिकारी-कर्मचारियों उपस्थित थे।