कोरोना काल में कांग्रेस की भूमिका अग्रणी : शाहिद भाई
कोरोना काल में कांग्रेस की भूमिका अग्रणी : शाहिद भाई

कांग्रेस ने दी राहत- मुआवजा और भाजपा ने दी महंगाई-झूठा वादा

राजनांदगांव (वीएनएस)। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री शाहिद भाई ने कोरोना काल में मृतक परिवार को मुआवजा देने के लिए छग सरकार की पहल का स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पूरे कोरोना काल में कांग्रेस ने ही जनता को राहत से लेकर मुवावजा देने में अग्रणी भूमिका निभाई है। वहीं भाजपा ने जनता को महंगाई किसानों को काले कानून की आग में झोंक कर आपदा में अवसर ढूंढने का काम की है।

महामंत्री शाहिद भाई ने बताया कि जहां कांग्रेस की रीति और नीति जनता के हितों की लिए रहती है वहीं भाजपा पूंजीवादी है। देश के युवा नेतृत्व राहुल गांधी ने कोरोना की आपदा को देखते हुए सर्वप्रथम अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा, एयरपोर्ट में सुरक्षा बढ़ाने के साथ-साथ कढ़ाई करने के लिए केंद्र सरकार से मांग की थी। पर केंद्र सरकार के अड़ियल रवैया के चलते उनकी बातों को गौर न कर देश की जनता को कोरोना की आगोश में समाहित किया। जैसे-जैसे कोरोना महामारी बढ़ती गई वैसे वैसे केंद्र में बैठी भाजपा सरकार अपना राजधर्म भूल सिर्फ जुमलेबाजी में मस्त रही। जनता को राहत देने में पूरी तरह असफल रही 20 हजार करोड़ की पैकेज को आज तक जनता ढूंढ रही है। वहीं छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के नेतृत्व में कांग्रेस की सरकार ने जहां गरीबों को मुफ्त चावल, मुफ्त चिकित्सा, मुफ्त शिक्षा किसानों एवं पशुपालकों के लिए न्याय योजना लागू कर राज्य ही नहीं विश्व में अपना जनहित हितैषी निर्णय का लोहा मनवाया है। वहीं भाजपा सरकार रसोई गैस पेट्रोल के दाम बढ़ाने सहित सरकारी संपत्तियों को जो बेचने का काम की है जिसका सीधा असर जनजीवन पर पड़ा है। उज्जवला योजना और तीन काले कृषि कानून घर की रसोई से लेकर देश को जलने पर विवश कर दिया है। कोरोना में वैक्सीन रूपी बचाव के लिए देश की जनता आस लगाए बैठी थी। उस पर भी मोदी सरकार ने भेदभाव कर देश की जनता के साथ जब धोखे पर उतारू हो गई थी। तो वहां भी राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी पूर्व प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह देश के युवा नेतृत्व राहुल गांधी ने जो मोदी सरकार को सुझाव दिए और उन मजबूत सुझावों को मोदी सरकार मानने पर विवश हुई। जिसके चलते ही देश के लोगों को युवाओं को वैक्सीन उपलब्ध हो पाई। वैक्सीन नीति में भी छग सरकार ने निशुल्क की घोषणा कर मोदी सरकार को जो आईना दिखाया वह जन स्वास्थ्य के लिए कांग्रेस की दूरगामी सोच के साथ लिया गया निर्णय साबित हुआ है। कोरोना काल में कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट के समक्ष लगाई गई और उन याचिकाओं में जिस प्रकार से केंद्र सरकार ने अपनी हठधर्मिता का परिचय दिया वह केंद्र सरकार की न्याय व्यवस्था पर चोट का भी परिचायक रहा है। और तो और कोरोना से मृतकों को मुआवजा देने वाली याचिका में केंद्र सरकार ने शपथ पत्र न देकर अपनी मानवता विरोधी मानसिकता दर्शा कर पूरे देश को शर्मसार किया है। लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने जनता की चिंता करते हुए केंद्र सरकार को मृतकों को मुआवजा देने रूपी निर्देश जारी कर देश के कानून व्यवस्था पर जनता का विश्वास बढ़ाया है। जैसे ही सुप्रीम कोर्ट ने मुआवजा देने का निर्णय पारित किया तत्काल छग सरकार ने उस आदेश के परिपेक्ष में कोरोना काल में मृतकों को 50 हजार मुआवजा देने का तत्काल निर्णय लेकर जिला कलेक्टरों को सीधे आदेश पारित कर यह साबित कर दिया कि छग की कांग्रेस सरकार जनता के साथ राहत के पैकेज लेकर खड़ी है। जब सुप्रीम कोर्ट में कोरोना काल में मृतकों को मुआवजा देने की याचिका लंबित थी कांग्रेसी ही ऐसी पार्टी थी जो राहुल गांधी, सोनिया गांधी और छग में प्रदेश अध्यक्ष मोहन मरकाम के नेतृत्व में आउटरीच के माध्यम से कोरोना में मृतक परिवारों के बीच जाकर उनके दुख दर्द को सुनकर उनसे उनकी मांग एवं राहत के लिए काम कर रही थी। यह कांग्रेस की जनता के प्रति अपना राजधर्म को दर्शित करती है। वही भाजपा सरकार की राज धर्म के प्रति विमुखता को भी प्रमाणित करती है । छग सरकार व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के मजबूत निर्णय जनता के सामने हैं और तो और छग सरकार ने कोरोना काल के दौरान या कोरोना के बाद भी जिस परिवार में मुखिया की मृत्यु हुई है उन्हें भी मुआवजा देने के निर्णय को शामिल कर कांग्रेस की मृतक परिवार के प्रति संवेदना को दर्शाती है। इसीलिए कांग्रेस का मूल मंत्र है कांग्रेस का हाथ सबके साथ फलीभूत पुनः हुई है।